*जिला शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न संकुलों का किया आकस्मिक निरीक्षण, दी आवश्यक दिशा-निर्देश*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली, // कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. डहरिया द्वारा 04 अप्रैल को जिला मुख्यालय के संकुल ग्राम तरवरपुर, झिटकनिया, तरवरपुर एवं उदका के विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों में स्थानीय स्तर पर परीक्षाएं सुव्यवस्थित रूप से संचालित होने पर संतोष व्यक्त करते हुए शिक्षकों को परीक्षा कार्य को पारदर्शी एवं अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री डहरिया ने शिक्षकों एवं प्रधान पाठकों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना का लाभ उठाकर विद्यालयों एवं व्यक्तिगत स्तर पर बिजली उत्पादन को बढ़ावा दें, जिससे ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ राष्ट्रहित में योगदान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही उन्होंने एमबीयू अपडेशन एवं रिवेलिडेशन कार्य को प्राथमिकता देते हुए निर्देशित किया कि संबंधित शिक्षक एवं कर्मचारी निर्धारित समय-सीमा में लोक सेवा केंद्र या शिविर के माध्यम से 100 प्रतिशत कार्य पूर्ण करें। युवाओं को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी ने 17 से 21 वर्ष आयुवर्ग के पात्र विद्यार्थियों का अग्निवीर योजना के

अंतर्गत अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिसका लाभ सभी पात्र छात्रों तक पहुंचाया जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालयों में कार्यरत सफाईकर्मियों एवं रसोइयों का “श्रमेव जयते” योजना के अंतर्गत 100 प्रतिशत पंजीयन कराने पर भी विशेष जोर दिया, ताकि उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके। विद्यालय परिसर की व्यवस्थाओं पर ध्यान देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने पेयजल स्रोतों के उचित रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने के लिए मोटर पंप को बिना आवश्यकता चालू न छोड़ा जाए तथा जल संरक्षण के प्रति सभी को जागरूक किया जाए। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उन्होंने प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल एवं केंद्रीय विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश हेतु प्रोत्साहित करें तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करें। निरीक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार ही जिले के समग्र विकास का आधार है और इसमें शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
