
तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली, साहित्य की गद्य और पद्य विधा में से पद्य में छंद युक्त और छंद मुक्त रचनाएं विशेष उल्लेखित हैं ।छंद युक्त रचना सृजन से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से बिलासपुर की छंदशाला परिवार के द्वारा अपनी संस्था के सातवें स्थापना दिवस के अवसर पर जमुना प्रसाद वर्मा शासकीय महाविद्यालय बिलासपुर में वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं विधायक माननीय अमर अग्रवाल बिलासपुर, विशिष्ट अतिथि डॉ ओमप्रकाश भट्ट रहे एवं अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एस एल निराला ने किया।
गरिमामय आयोजन के प्रथम सत्र में मुंगेली की साहित्यिक संस्था कविता चौराहे पर एवं अहीर नृत्य कला परिषद बिलासपुर का मुख्य अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह ,श्रीफल एवं पुष्प हार भेंट कर सम्मानित किया गया।
विगत 21 वर्षों से मुंगेली नगर में साहित्य सेवा का उल्लेखनीय योगदान किया जा रहा है। साहित्य में अभिरुचि रखने वाले युवाओं और आमजन को कविता से जोड़ने में प्रयासरत साहित्य मंच कविता चौराहे पर, के संस्थापक राकेश गुप्त “निर्मल” एवं सहसंयोजक जगदीश प्रसाद देवांगन के प्रयास से प्रसारित रचनाओं में मुंगेली जिला सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिला के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र ,उड़ीसा ,झारखंड, हरियाणा ,उत्तर प्रदेश ,गुजरात, बिहार, दिल्ली और कर्नाटक प्रदेशों के साहित्यकारों की रचना प्रकाशित हो चुकी है जो कि संस्था के लिए साहित्यिक उपलब्धि है।
इस अवसर पर डॉ दीनदयाल यादव, व्ही व्ही रमणा एवं श्रीमती सुमन कस्तुरे के काव्य संग्रह का मुख्य अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
आयोजन के द्वितीय चरण में काव्य सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें बिलासपुर, मुंगेली एवं आसपास के स्थान से आए हुए कवियों ने अपनी कविता का पाठ किया ।इसमें मुंगेली से पधारे कवियों में राकेश गुप्त “निर्मल”, जगदीश प्रसाद देवांगन ,ज्वाला प्रसाद कश्यप, श्रीमती विभा सोनी एवं रामा साहू “संयम” ने अपनी प्रतिनिधि रचनाओं की गरिमामय प्रस्तुति कर श्रोताओं से खूब तालियाँ बजवायी।
