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    *प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा*

    खुले में राखड़ डंपिंग के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध, शिवरीनारायण–बिर्रा मार्ग पर चक्का जाम
    *प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खतरा*

    मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा जिले के मोहतरा गांव में खुले में हो रही राखड़ डंपिंग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने शिवरीनारायण–बिर्रा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाली राखड़ को नियमों की अनदेखी करते हुए खुले स्थानों पर डंप किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
    वीओ-1 :
    ग्रामीणों के अनुसार प्लांट से निकलने वाली राखड़ को भारी वाहनों में भरकर गांव के स्कूल परिसर के पास खुले में डाला जा रहा है। इससे स्कूल के बच्चों को सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। तेज हवाओं के साथ राखड़ उड़कर घरों तक पहुंच रही है, जिससे ग्रामीणों का रहना मुश्किल हो गया है।
    वीओ-2 :
    राखड़ डंपिंग स्थल के पास ही निस्तारी तालाब स्थित है, जिसमें राखड़ उड़कर गिर रही है। इससे तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में हालात और भयावह हो जाते हैं, क्योंकि राखड़ दलदल में तब्दील हो जाती है, जिसमें मवेशियों के फंसने और मौत के मामले भी सामने आ चुके हैं।
    वीओ-3 :
    सुबह करीब 9 बजे ग्रामीण हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर सड़क पर उतरे। “किसान मरेगा नहीं, लड़ेगा”, “सुनो शासन, सुनो प्रशासन” जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया गया। चक्का जाम के कारण भारी वाहनों के साथ-साथ आम नागरिकों का आवागमन भी पूरी तरह बाधित रहा।
    वीओ-4 :
    ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह खुले में राखड़ डंपिंग की गई थी। उस समय उच्च अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और अविश्वास बढ़ता गया।
    वीओ-5 :
    चक्का जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीण अपनी छह सूत्रीय मांगों पर अड़े हुए हैं और साफ कहा है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
    ग्रामीणों की प्रमुख 6 सूत्रीय मांगें :
    राखड़ डंपिंग में लगे भारी वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
    बाढ़ प्रभावित एवं वाटर रिचार्ज क्षेत्रों से राखड़ हटाकर संबंधित कंपनी परिसर में सुरक्षित डंप किया जाए।
    स्कूल के खेल मैदान व सीमा दीवार सहित क्षतिग्रस्त संरचनाओं का पुनर्निर्माण कराया जाए।
    ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत बने तालाब, सड़क और अन्य क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत की जाए।
    भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त गांव की संपर्क सड़कों को तत्काल दुरुस्त किया जाए।
    खेल मैदान, चारागाह और प्राकृतिक नालों में डाली गई राखड़ को हटाकर क्षेत्र को पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।

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