
मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा/अकलतरा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज बर्मन तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र सोनी के निर्देशानुसार आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा में विश्व दृष्टि दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के नेत्र सहायक अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय अंधत्व एवं दृष्टि दोष नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हर वर्ष अक्टूबर माह के द्वितीय गुरुवार को विश्व दृष्टि दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आमजन को दृष्टि सुरक्षा, दृष्टिहीनता के कारणों, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करना है।
जानकारी दी गई कि लगभग 25 प्रतिशत लोग दृष्टि दोष से पीड़ित हैं, जिन्हें चश्मे से ठीक किया जा सकता है। वहीं, 16 वर्ष से कम आयु के लगभग 0.8 प्रति हजार बच्चे दृष्टिहीनता से प्रभावित हैं। भारत में 90 लाख से 1 करोड़ 20 लाख लोग दोनों आंखों से नेत्रहीन हैं, तथा हर साल मोतियाबिंद के लगभग 20 लाख नए मामले सामने आते हैं। यह भी बताया गया कि 75% दृष्टिहीनता समय पर ध्यान देने से रोकी जा सकती है।
नेत्र विशेषज्ञों ने सलाह दी कि प्रत्येक व्यक्ति को छह माह में एक बार अपनी आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए।
साथ ही दैनिक आदतों पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई —
सुबह और रात को सोने से पहले आंखों के आसपास की त्वचा को साफ पानी से धोएं।
चेहरे और आंखों के लिए अलग-अलग तौलिया का प्रयोग करें।
तेज धूप या रोशनी से आंखों की सुरक्षा करें।
आतिशबाजी, तीर-कमान, गिल्ली-डंडा जैसे खेलों में सावधानी बरतें।
आंखों में कुछ गिर जाने पर आंख न मलें, बल्कि साफ पानी से धो लें।
पुस्तक पढ़ते समय आंखों से एक से डेढ़ फीट दूरी बनाए रखें।
कार्यक्रम में नेत्र सहायक अधिकारी आर.के. यादव, प्रीतेश सिंह चंदेल, डी.आर. भारते, सत्यजीत कुर्रे, श्रीमती बबीता पाटिल, बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राएँ कु. ममता, कुमारी पूजा, सुमन, कविता, राहुल कुमार, नम्रता, मनीषा, प्रियंका, भगवती खंडेल, संतोषी सोनवानी, शोभा साहू, कनक प्रभा, श्रीमती बंगला बाई सहित स्वास्थ्य विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
