श्रमिकों का सम्मान, अधिकारों की पहचान

मनोज साहू ब्यूरो , अकलतरा (जांजगीर-चांपा):;देश निर्माण में श्रमिकों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत किरारी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रमिकों को उनके अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में व्यवहार न्यायाधीश अकलतरा श्रीमती शिवानी सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने श्रमिक दिवस मनाने के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश के विकास में श्रमिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। पुल, भवन और बड़े-बड़े निर्माण कार्य श्रमिकों की मेहनत से ही संभव हो पाते हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे किसान हो या मजदूर, सभी के परिश्रम से ही देश निरंतर प्रगति कर रहा है। ऐसे में श्रमिकों के लिए अपने अधिकारों को जानना बेहद जरूरी है, और इसके लिए शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।
कार्यक्रम में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े कानूनों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि यदि महिला और पुरुष एक ही कार्य करते हैं, तो उन्हें समान वेतन मिलना चाहिए। लिंग के आधार पर मजदूरी में भेदभाव करना अपराध है।
साथ ही महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की स्थिति में तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई, ताकि ऐसी घटनाओं को शुरुआत में ही रोका जा सके।
इसके अलावा साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताए गए और आगामी नेशनल लोक अदालत 09 मई 2026 के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि राजीनामा योग्य मामलों का आपसी सहमति से लोक अदालत के माध्यम से त्वरित निराकरण किया जा सकता है।
बाइट (श्रीमती शिवानी सिंह, व्यवहार न्यायाधीश अकलतरा):
“श्रमिक देश की प्रगति की रीढ़ हैं। सभी श्रमिकों को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी है। साथ ही शिक्षा के माध्यम से वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बन सकते हैं।”

शिविर के दौरान ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी गईं। इस अवसर पर पैरालीगल वालेंटियर कलाराम सांडील, देवकुमारी रात्रे, पैनल अधिवक्ता दिलीप कुमार रात्रे, सरपंच अशोक कुमार कश्यप, सचिव युगल किशोर शुक्ला, कोटवार चेलाराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं उपस्थित रहीं।
