*अकलतरा का सेंट जेवियर स्कूल सवालों के घेरे में, किराए के मकान के चंद कमरों में चल रहा शिक्षण संस्थान!*
*बिल्डिंग के पीछे राइस मिल, खुद का खेल मैदान भी नहीं; JSW प्लांट के श्रमिकों के 200 से अधिक बच्चें छोड़ चुके स्कूल*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा अकलतरा। बच्चों के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद लेकर अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराते हैं। लेकिन जब स्कूल की बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण और खेलकूद के संसाधनों पर ही सवाल उठने लगें, तो अभिभावकों की चिंता स्वाभाविक है। जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित सेंट जेवियर स्कूल की संचालन व्यवस्था को लेकर ऐसे ही सवाल सामने आ रहे हैं। आरोप है कि स्कूल किराए के मकान के महज कुछ कमरों में संचालित हो रहा है। भवन के पीछे राइस मिल होने और स्वयं का खेल मैदान नहीं होने की बात भी सामने आई है। वहीं, JSW प्लांट से जुड़े परिवारों के 200 से अधिक बच्चों के स्कूल छोड़ने की जानकारी ने इस संस्थान की व्यवस्थाओं और अभिभावकों के भरोसे को लेकर बहस छेड़ दी है।
*चंद कमरों में स्कूल संचालन, सुविधाओं पर सवाल*
स्कूल जैसी संस्था के लिए केवल कक्षाओं का संचालन ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप कक्षाएं, स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त खुली जगह, खेलकूद की सुविधा, सुरक्षा और अन्य आवश्यक संसाधन भी शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में यदि किसी स्कूल का संचालन सीमित कमरों वाले किराए के भवन में हो रहा है और वहां खेल मैदान जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सर्वांगीण विकास के लिए कितना अनुकूल वातावरण मिल रहा है।
अकलतरा के सेंट जेवियर स्कूल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संस्थान के पास कितनी जगह उपलब्ध है, विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कक्षाओं और अन्य सुविधाओं की क्या स्थिति है तथा स्कूल संबंधित मान्यता एवं सुरक्षा मानकों का किस हद तक पालन कर रहा है।
*भवन के पीछे राइस मिल, सुरक्षा और प्रदूषण को लेकर चिंता*
स्कूल भवन के पीछे राइस मिल होने की जानकारी भी चर्चा का विषय है। स्कूल के आसपास का वातावरण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पढ़ाई के अनुकूल होना चाहिए। ऐसे में राइस मिल की निकटता को देखते हुए धूल, शोर, वाहनों की आवाजाही और अन्य संभावित प्रभावों की वास्तविक स्थिति का परीक्षण आवश्यक है।
यह देखना भी जरूरी है कि स्कूल परिसर में धूल और शोर का स्तर क्या है, बच्चों की आवाजाही कितनी सुरक्षित है तथा संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक निरीक्षण किया गया है या नहीं। यदि इन पहलुओं पर कोई शिकायत है, तो शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर जांच कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
*खुद का खेल मैदान नहीं, बच्चों के सर्वांगीण विकास पर सवाल*
बच्चों की शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं होती। खेलकूद शारीरिक विकास, अनुशासन, टीम भावना और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्कूल के पास अपना खेल मैदान नहीं होने का मुद्दा अभिभावकों की चिंता बढ़ाता है।
यह भी जांच का विषय है कि स्कूल विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए वैकल्पिक मैदान या अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराता है या नहीं। यदि खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो इसका असर बच्चों के नियमित शारीरिक और सह-पाठ्यक्रम विकास पर पड़ सकता है।
*JSW प्लांट के 200 से अधिक श्रमिकों के बच्चों ने छोड़ा स्कूल!*
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू JSW प्लांट से जुड़े परिवारों के 200 से अधिक बच्चों के स्कूल छोड़ने की जानकारी है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की बात सामने आनाऔर T C देने पर पैसा भी वसूली अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, इन बच्चों के स्कूल छोड़ने के वास्तविक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अभिभावकों के पक्ष को सामने लाना आवश्यक है।
क्या अभिभावक स्कूल की बुनियादी सुविधाओं से संतुष्ट नहीं थे? क्या खेल मैदान और परिसर की व्यवस्था को लेकर असंतोष था? या फिर इसके पीछे फीस, पढ़ाई की गुणवत्ता, स्थानांतरण अथवा अन्य कारण रहे?
यदि बच्चों के स्कूल छोड़ने के पीछे सुविधाओं की कमी प्रमुख कारण रही है, तो यह स्कूल प्रबंधन के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए। वहीं, यदि इसके पीछे अन्य कारण हैं, तो उन्हें भी तथ्यों के साथ सामने लाया जाना जरूरी है।
*शिक्षा विभाग की भूमिका पर निगाहें*
स्कूल की मान्यता, भवन की उपयुक्तता, विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप उपलब्ध सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और खेलकूद के संसाधनों जैसे पहलुओं पर संबंधित शिक्षा अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में अकलतरा के सेंट जेवियर स्कूल की मौजूदा व्यवस्था का नियमानुसार निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।
अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि स्कूल निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। यदि किसी स्तर पर कमी पाई जाती है, तो नियमानुसार सुधारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
*अभिभावकों के सवालों का जवाब कौन देगा?*
अकलतरा में संचालित सेंट जेवियर स्कूल को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब तथ्यों और पारदर्शिता के आधार पर सामने आना चाहिए। स्कूल प्रबंधन को भवन, खेलकूद की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने से जुड़े सवालों पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। वहीं, शिक्षा विभाग को भी निरीक्षण और मान्यता संबंधी स्थिति सार्वजनिक कर अभिभावकों की शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
बच्चों का भविष्य किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में जरूरी है कि सेंट जेवियर स्कूल से जुड़े इन सवालों की निष्पक्ष जांच हो, वास्तविक स्थिति सामने आए और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

