रेल कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने के लिए वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ निरंतर संघर्षरत: अशोक शर्माll

जबलपुर पंकज मोनू जैन की रिपोर्ट:- जबलपुर (मध्य प्रदेश): वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (WCRMS) के महामंत्री एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के संयुक्त महामंत्री श्री अशोक शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए संगठन द्वारा रेल कर्मचारियों के हित में किए जा रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा की। संघ के प्रवक्ता सतीश कुमार ने जानकारी दी कि दिसंबर 2024 में आयोजित यूनियन मान्यता के चुनाव में वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था, जिससे यह पूरे जोनल रेलवे की एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन के रूप में स्थापित हुई है। इसी क्रम में, 30 अक्टूबर 2026 को NFIR के महामंत्री डॉ. एम. राघवैय्या जी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसमें WCRMS महामंत्री अशोक शर्मा भी शामिल थे, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष रेल कर्मचारियों का विस्तृत मांग पत्र प्रस्तुत किया।
संघ ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष न्यूनतम वेतन ₹69,000 प्रतिमाह निर्धारित करने, फिटमेंट फैक्टर 3.833 लागू करने तथा वार्षिक वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% करने के साथ न्यूनतम ₹10,000 का वित्तीय लाभ सुनिश्चित करने की मांग रखी है। इसके अलावा सेवाकाल में कम से कम 5 पदोन्नतियों के प्रावधान, महंगाई भत्ता 25% तक पहुँचने पर मूल वेतन में विलय, ओपन-एंडेड वेतनमान और रेलवे ड्यूटी की कठिन व खतरनाक प्रकृति के अनुसार अलग वेतन ढांचा तैयार करने की मांग की गई है। पेंशन सुधार के तहत अंतिम वेतन का 67% पेंशन, 50% पारिवारिक पेंशन तथा कम्यूटेशन की वसूली 15 वर्ष के स्थान पर 11 वर्ष में पूरी करने की पुरजोर वकालत की गई है, साथ ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। भत्तों और अग्रिमों के संबंध में बंद किए गए भत्ते बहाल करने, भत्तों में 3 गुना वृद्धि करने, नौकरी-विशिष्ट भत्तों पर विचार करने तथा MACPS के तहत APAR की बेंचमार्किंग में ‘Very Good’ के स्थान पर ‘Good’ करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही, रेलवे पास में कर्मचारियों के माता-पिता को शामिल करने और बच्चों के शिक्षण भत्ते का दायरा स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
महामंत्री श्री शर्मा ने बताया कि संघ के सतत प्रयासों से पमरे में जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच हजारों रेल कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। केवल दिसंबर 2025 में ही 800 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई ताकि उन्हें 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले आठवें वेतन आयोग के वेतन निर्धारण (Pay Fixation) का पूरा लाभ मिल सके। ‘LDCE ओपन टू ऑल’ के माध्यम से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को सहायक लोको पायलट बनने का अवसर दिलाया गया है तथा रिक्तियों के अभाव के कारण सफल होने के बावजूद वंचित रहे 52 कर्मचारियों को भी बोर्ड स्तर पर लगातार प्रयास कर पदोन्नति दिलाई गई है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाते हुए WCRMS की प्रत्येक शाखा में महिला पदाधिकारी व मंडल में 01 अतिरिक्त उप मंडल महिला पदाधिकारी का पद आरक्षित किया गया है। 20 साल की सेवा अवधि पर कर्मचारियों के लंबित स्थानांतरण आवेदन ऑटोमैटिक HRMS से फॉवर्ड होकर एनओसी जारी होने की सुविधा शुरू हुई है, 25% GDCE व LDCE परीक्षाओं का दिसंबर माह में RRC से नोटिफिकेशन जारी होगा और 1600 ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती भी शुरू हो चुकी है।
संगठन ने ट्रेन मैनेजर कैडर में अन्य विभागों को शामिल करने, समान कार्य के लिए समान वेतन का सिद्धांत सभी विभागों में लागू करने, और रेलवे अस्पतालों में अनुबंध आधारित चिकित्सकों के स्थान पर नियमित चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही, रेलवे कॉलोनियों में स्वच्छ पेयजल, नियमित सफाई, उचित सुरक्षा, खेल मैदान और जिम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने, रनिंग रूम व TTE रेस्ट हाउस के सुदृढ़ीकरण, ट्रैक मेंटेनर्स के पुनर्गठन व सुरक्षा उपकरणों, S&T कर्मचारियों के लिए रिलीवर व फेलियर अलाउंस, पॉइंट्समैन के लिए नई कैडर रीस्ट्रक्चरिंग, वरिष्ठ सुपरवाइजरों व CLI को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा और टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग कैडर में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन के रूप में रेल कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और भविष्य में भी कर्मचारियों के कल्याण एवं रेलवे के विकास के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित रहेगा।जबलपुर से जिला ब्यूरो पंकज जैन की रिपोर्ट

