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    *ढाबों से स्कूल की ओर: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर 4 बच्चों का हुआ रेस्क्यू*

    *बाल श्रम के खिलाफ मुंगेली में एक्शन: 4 बच्चों को शोषण से दिलाई मुक्ति*

    तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा हेतु कार्यरत कृषक सहयोग संस्थान ने श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर 4 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा जून माह को बाल श्रम विरोधी ‘एक्शन मंथ’ के रूप में मनाने संबंधी निर्देशों के तहत की गई। कृषक सहयोग संस्थान द्वारा बाल मजदूरी प्रभावित क्षेत्रों में जांच एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि, सामुदायिक नेता एवं ग्रामीण शामिल हुए। संस्था देश के सबसे बड़े बाल अधिकार नेटवर्क ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC)’ की सहयोगी संस्था है, जो देशभर में बाल संरक्षण एवं मानव तस्करी के खिलाफ कार्य कर रही है। मुक्त कराए गए बच्चों की आयु 14 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लंबे समय से अमानवीय एवं शोषणकारी परिस्थितियों में कार्य कराया जा रहा था। उन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वातावरण में बेहद कम पारिश्रमिक पर दिन-रात काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। बच्चों के मुक्त होने के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही, पीड़ित बच्चों को पुनर्वास, मुआवजा, शिक्षा एवं अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस अवसर पर कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ. एच. बी. सेन ने कहा कि प्रत्येक मुक्त कराया गया बच्चा अपने शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा के अधिकारों की पुनः प्राप्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम बच्चों को उनके बचपन और मूल अधिकारों से वंचित करता है, इसलिए इसके उन्मूलन के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों का स्थान ढाबों और फैक्ट्रियों में नहीं, बल्कि स्कूलों में है। उल्लेखनीय है कि बाल तस्करी और बाल श्रम एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इसी कारण जून माह में नागरिक समाज संगठन पुलिस एवं प्रशासन के साथ मिलकर बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ विशेष निगरानी एवं कार्रवाई अभियान संचालित करते हैं। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क के साझा निगरानी एवं सूचना-साझाकरण तंत्र की बदौलत अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच देशभर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को तस्करी एवं शोषण से मुक्त कराया जा चुका है। इनमें बड़ी संख्या उन बच्चों की है जिन्हें बाल श्रम के लिए मजबूर किया गया था।

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