क्यूआर कोड और टोकन प्रणाली से मिलेगा रासायनिक उर्वरक

क्यूआर कोड और टोकन प्रणाली से मिलेगा रासायनिक उर्वरक

*एफएफएस ऐप के उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण आयोजित*

 मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // रबी वर्ष 2026-27 से जिले में रासायनिक उर्वरकों के वितरण की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) ऐप आधारित क्यूआर कोड एवं टोकन प्रणाली लागू की जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी भूमि के रकबे और बोई गई फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराना है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित करने, किसानों को उर्वरक प्रदान करने तथा एफएफएस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें जिले के उर्वरक विक्रेताओं, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों, कृषि विकास अधिकारियों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को ऐप के संचालन और क्यूआर कोड-टोकन आधारित उर्वरक वितरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि रबी सीजन में नई व्यवस्था का सुचारू रूप से संचालन किया जा सके।

उपसंचालक कृषि श्रीमती वीणा ठाकुर ने एफएफएस प्रणाली के संबंध में चौपालों के माध्यम से किसानों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। जिला मास्टर ट्रेनर श्री मनहरण कुर्रे ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि एफएफएस ऐप के माध्यम से उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया में किसान की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी दर्ज करना, आवश्यक उर्वरक की मात्रा का चयन करना, उर्वरक विक्रेता का चयन करना तथा फत् कोड-टोकन जनरेट करना प्रमुख चरण हैं। इसके बाद संबंधित टोकन के आधार पर उर्वरक वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशिक्षण में उर्वरक विक्रेताओं को ऐप के माध्यम से प्राप्त क्यूआर कोड-टोकन के आधार पर उर्वरक वितरण करने की प्रक्रिया भी समझाई गई। इस व्यवस्था से उर्वरक वितरण को डिजिटल प्रणाली से जोड़ने और पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, अधिकारियों और विक्रेताओं को नई व्यवस्था की जानकारी होने से किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।

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