*सुशासन तिहार में खनिज विभाग घिरा सवालों में, जनता ने अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा:-। जिले में आयोजित सुशासन तिहार के जनसमस्या निवारण शिविर में उस समय माहौल गरमा गया, जब खनिज विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने खुलकर नाराजगी जाहिर की। प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में विभागीय लापरवाही चर्चा का विषय बन गई।
शिविर में खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह और कलेक्टर जन्मेजय महोबे समय पर पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, लेकिन खनिज विभाग के अधिकारी काफी देरी से पहुंचे। अधिकारियों के विलंब से पहुंचने पर उपस्थित लोगों ने नाराजगी जताई और विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
ग्रामीणों ने खनिज निरीक्षक आर.एल. राजपूत के खिलाफ शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि वे आम लोगों के फोन कॉल का जवाब नहीं देते और विभागीय मामलों में स्पष्ट जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराते। लोगों का कहना था कि खनिज से जुड़े मामलों में पारदर्शिता का अभाव लगातार बना हुआ है।
इसी दौरान अवैध रेत परिवहन के मामलों को लेकर भी विरोधाभासी स्थिति सामने आई। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि जहां एक ओर कलेक्टर के निर्देशों का हवाला देते हुए जब्त वाहनों को निर्धारित अवधि से पहले नहीं छोड़ने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर एक हाइवा वाहन को कुछ ही दिनों में छोड़े जाने की चर्चा ने विभाग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिविर में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। मामले की शिकायत मिलने पर खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।
सुशासन तिहार का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच संवाद बढ़ाना है, लेकिन खनिज विभाग को लेकर सामने आई शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली पर नई बहस छेड़ दी है।
