
संवाददाता- गाज़ीपुर ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ राय “महादेव” ने कहा कि 26 जून को मुहम्मदाबाद मे होने वाले स्वामी सहजानंद सरस्वती एवं मंगला राय पहलवान की श्रद्धांजलि सभा, भूमिहार ब्राह्मण सम्मान समारोह एवं सम्मेलन कार्यक्रम बहुत दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक होगा।
जिला स्तर पर जनसम्पर्क अभियान बहुत तेज गति से चलाया जा रहा है।
प्रदेश महामंत्री रासबिहारी राय के नेतृत्व में
राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं जिला के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के साथ गाँव गाँव भ्रमण अभियान चलाया गया ।
इस अभियान में राष्ट्रीय प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ राय,
जिला महामंत्री प्रमोद राय, निखिल राय, राकेश रंजन राय सम्मिलित रहे।
घर घर जाकर कार्यक्रम मे उपस्थित होने के लिए लोगों से सम्पर्क स्थापित किया गया।
ये जनसम्पर्क अभियान गाज़ीपुर शहर से होते हुए
बरवां,धुर्वाजुन,टंडवा,
सवास, हंसराज पुर पारा, एवम् सिखडीं गाँव में समाप्त हुई।
जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल चंद्र राय के नेतृत्व में भी एक
सघन ग्राम भ्रमण अभियान चलाया गया साथ में जिला महामंत्री अजीत राय मिंटू,
अरविन्द राय पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा, मनोज राय गडुआ, राजू राय ढढनी, शशिकांत राय गडुआ इत्यादि लोग शामिल रहे।
ये अभियान सुहवल, डुहिया, गडुआ, मकसूदपुर, भागीरथपुर, मलसा, देवा बैरनपुर, खानपुरा, देवरिया, मतसा, सैदाबाद, लहुवार, पचोखर, टीशौरा, ढढनी, बेटाबर होते हुए सोनहरिया मे समाप्त हुई।
लोगों का रुझान बहुत सकारात्मक रहा।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षाविद्, महान समाज सुधारक और संगठित
किसान आंदोलन के संस्थापक स्वामी सहजानंद सरस्वती की पुण्यतिथि
26 जून को मुहम्मदाबाद में श्रद्धाभाव से मनाई जाएगी। इस अवसर पर
श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि एवं
शब्दांजलि अर्पित कर उनके
महान कायों को स्मरण किया
जाएगा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल चंद्र राय ने कहा कि
स्वामी सहजानंद
सरस्वती का जन्म 1889 में गाजीपुर जिले के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के देवा ग्राम में
भूमिहार ब्राह्मण परिवार में हुआ
था। उन्होंने अपनी प्रांभिक
शिक्षा गाजीपुर और वाराणसी दंडी स्वामी सहजानंद सरस्वती का
में प्राप्त की, तथा काशी
में संन्यास लेने के पश्चात
वेद, पुराण, वेदांत, मीमांसा और दर्शन का गहन अध्ययन
किया। वे अखिल भारतीय किसान सभा के संस्थापक अध्यक्ष रहे और
आजीवन किसानों एवं खेतिहर मजदरों के हक की लड़ाई लड़ते रहे।
उनका राजनीतिक प्रभाव भी अत्यंत व्यापक था और नेताजी सुभाष चंद्र
बोस जैसे शीर्ष नेताओं द्वारा उन्हें अत्यंत सम्मान दिया जाता था।
राष्ट्रीय प्रवक्ता त्रिलोकी नाथ राय ने कहा कि
स्वामी सहजानंद सरस्वती ने किसान आंदोलन, झूठा भय, मिथ्या अभिमान, ब्रह्मर्षि वंश विस्तार
सहित कई महत्वपूर्ण रचनाएं लिखीं जो आज भी किसान आंदोलन और
सामाजिक चेतना के लिए प्रेरणा स्नोत हैं। उनका निधन 1950 में हुआ,
लेकिन उनके विचार, आदर्श और संघर्ष आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।
जन सम्पर्क कर सम्मानित लोगों को आगामी 26 जून को सायं तीन बजे श्री विशारद कोल्ड स्टोर मुहम्मदाबाद के कार्यक्रम में उपस्थित होकर इस महान विभूति को श्रद्धा सुमन अर्पित करने हेतु आमंत्रित किया गया।
स्वामी जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु सभी लोगों ने अपना बहुमूल्य समय निकाल कर सहभागी होने का संकल्प लिया ।
