
हत्या की सिलसिलेवार भयानक कहानी…
पीड़ित परिवार फरीदाबाद के कोलीवाड़ा में रहता है। माता-पिता गुरुवार को काम पर चले गए। पीछे बेटा और बहन अकेले रह गई। मृतक की मां ने कहा- शाम को ड्यूटी से लौटे तो बेटा बेड पर पड़ा था। हमें लगा कि बेटा सो रहा है। काफी देर वह नहीं उठा तो उन्होंने जगाने की कोशिश की। बच्चे के गले पर कुछ निशान दिखे। शक हुआ। तब तक आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए।
बेटे के गले पर निशान देख उन्होंने बेटी को बुलाया। बेटी ने कहा कि उसे कुछ पता नहीं। वह बीच में कुछ देर के लिए छत पर गई थी। उसने किसी को यहां आते-जाते भी नहीं देखा। उसे नहीं पता कि भाई के साथ क्या हुआ है?
माता-पिता को शक हुआ कि उनके बेटे के साथ कुछ तो गलत हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को कर दी। पुलिस ने घर में छानबीन की। बाहरी व्यक्ति घर के अंदर आने के सबूत नहीं मिले। पुलिस को भी बहन पर शक हुआ।

पहले इनकार करती रही, फिर कत्ल की बात कुबूल कर ली
पहले तो लड़की कत्ल से इनकार करती रही। पुलिस ने सख्त दिखाई तो बोली- भाई मोबाइल पर गेम खेल रहा था। मैंने मांगा तो पहले थोड़ी देर बाद देने की बात कही। बाद में भी उसने मोबाइल नहीं दिया। गुस्से में मैंने भाई का गला दबा दिया।

