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    *प्रा.स्वास्थ केन्द्र पदमपुर में चिकित्सा के क्षेत्र से अनभिज्ञ नट समुदाय को बड़ी संख्या में जोड़कर उन्हें स्वास्थ्य के लिए जागरूक किया गया*

    *नट समुदाय के 60 लोगो को जोड़कर स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाईयां दी*

    *नट परिवारों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से जोडकर मुख्यधारा में लाना हमारी प्राथमिकता है -डॉ मनीष बंजारा*


    तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली– नट परिवारों को स्वास्थ्य के लिए जागरूक करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के मुख्यधारा मंे जोड़ने के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पदमपुर के नट मोहल्ले में किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में लगभग 60 नट समुदाय के लोग शामिल हुए। नट समुदाय के लोग इतनी बड़ी संख्या में आमतौर पे किसी स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल नहीं होते है और तो और वे अपने स्वास्थ्य के ईलाज के लिए सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में नहीं जाते है। उनकी अपनी जीवनशैली अलग ही है और वे अपने स्वास्थ्य का ईलाज स्वयं परम्परागत तरीके से करते है। जो आज के इस आधुनिक युग में आपातकाल की स्थिति में समुदाय के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

    निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में वयोवृद्ध, टी.बी. कुष्ट, बी.पी.शुगर, एच.बी. मौसमी बिमारी का जांच कर निःशुल्क दवाईयां दी गई बिमारी और उसके तत्काल उपचार के लिए जानकारी देते हुए प्रेरित किया गया। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों में विधिक चेतना जागाते हुए लोगों को सही समय पर स्वास्थ्य सेवा देना जैसे अहम मुद्दों पर जोर दिया गया। शिविर में आम तौर पर स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, वॉकिंग स्टिक और परामर्श जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

    बता दे कि नट समुदाय की अपनी अलग भाषा और संस्कृति के चलते वे आज भीे स्वास्थ्य के नवीन टेक्नोलाॅजी से नहीं जुड़ पाये है जिससे उन्हें आप सरकारी अपस्तालों में ईलाज कराते नहीं पायेगें। इसके पीछे उनके संस्कृति व परम्परा का बड़ा व्यापक प्रभाव होता है। जिसमें वे ईलाज के लिए घरेलू व परम्परागत व झाड-फूक के ईलाज पर उनकी बड़ी आस्था होती है जिसके चलते इस समुदाय का और ईलाज के लिए वे इसी पर आश्रित रहते है। ये गरीब और घूमंतू प्रवृति के होते है इसलिए स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित रहती है। इसके चलते आज के इस विकसित दौर में वे ईलाज के लिए सरकारी व्यवस्था का लाभ नहीं लेते है जिससे उन्हें कभी-कभी गंभीर स्थिति में अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ता है।

    आज के इस विकसित और आधुनिक दौर में जब बीमारी का स्वरूप बेहद खतरनाक स्थिति तब जा पहुचा है जिसमें तत्काल ईलाज की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में परम्परागत/घरेलू उपाय से इस समुदाय के लोग स्वस्थ नहीं हो पाते है। जिसे समझने का प्रयास पदमपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत डां. मनीष बंजारा ने किया और बड़ी संख्या में नट समुदाय को एकत्र कर ईलाज के लिए आज की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने हेतु समुदाय को स्वस्थ रहने के लिए जागरूक करने का किया गया प्रयास सराहनीय है। बता दे कि आज केन्द्र और राज्य सरकार आम जनता के स्वास्थ्य के लिए विभिन्न योजनाएं चलाकर लोगो को कई बड़ी बिमारियों से निजात दिलाने की प्रयास कर रही है। लेकिन नट समुदाय के लोग इस योजना के लाभ नहीं ले पा रहे है उन्हें जानकारी देकर सरकार की योजना का लाभ लेकर स्वस्थ्य रहने के लिए यह प्रयास किया गया है। उल्लेखनीय है कि नट समुदाय के अलावा और कई समुदाय है जो इन योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण वे अपने परम्परागत ईलाज के लिए बाध्य रहते है। उन्हें भी ईलाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रयास किया जायेगा।

    इस अवसर पर ग्राम के सरपंच अनिल जायसवाल की भूमिका सराहनीय रही इसके साथ उपसरपंच विनय यादव, सचिव पंच, मितानिन, समस्त मितानिन, एवं स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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