पैदावार में कमी को देखते हुए गन्ना किसानों को शुगर फैक्टरी द्वारा दिए गए नए टिप्स

हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।
ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- पंडरिया लौह पुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्या0 पण्डरिया जिला-कबीरधाम के कारखाना क्षेत्र में विगत 7 से 8 वर्ष से एक ही किस्म के गन्ना CO-085 फैला हुआ है जिसमें रोग ग्रस्त होने के कारण पैदावार निरंतर कम हो रही है इसकों देखते हुए शक्कर कारखाना पण्डरिया द्वारा कारखाना क्षेत्र के किसानों को महाराष्ट्र के वसंनदादा शुगर इंस्टीट्युट नागपुर एवं पुणे के गन्ना अनुसंधान केन्द्र में नई किस्म की गन्ना की जानकारी हेतु भेजा गया था कारखाना क्षेत्र के किसानों को वहा नई किस्म की गन्ना CO-92005, CO-86032, VSI CO-18121 आदि गन्नों की खेती के बारे में जानकारी दी गई तथा कारखाना प्रबंधन द्वारा महाराष्ट्र के उन्नत किस्म की नई गन्ना प्रजाति की जानकारी हेतु कारखाना के क्षेत्र सहायकों की एक टीम गठित कर केन्द्रीय गन्ना अनुसंधान केन्द्र पाडेगांव, जिला-सतारा महाराष्ट्र भेजा गया था वहा वैज्ञानिक डा दत्ताराय थोरवे से मुलाकात कर नई किस्म की गन्ना प्रजाति PDN-15012, PDN-15006 एवं PDN13007 की जानकारी प्राप्त की गई, इन तीनों ही गन्ना किस्म को इस कबीरधाम जिला क्षेत्र के मौसम अनुसार अनुकुल बताया गया है इस आधार पर कारखाना द्वारा क्षेत्र में अधिक से अधिक नई किस्म की गन्ना प्रजाति के फैलाव हेतु लगातार नई किस्म की गन्ना CO-92005, CO-86032, VSI CO-18121 मंगाकर किसानों को वितरण किया जा रहा है तथा सांगली महाराष्ट्र के नर्सरी से PDN-15012, PDN-15006 oa PDN13007 को मंगाकर किसानों को वितरण किया जा रहा है इसके साथ ही क्षेत्र सहायकों द्वारा किसानों को गन्ने की आधुनिक पद्धति से खेती तथा पौधे के बीच 4 फीट की दूरी समय पर सिंचाई व निर्धारित मात्रा में रासायनिक खाद् का प्रयोग की समझाइस देते हुए निरंतर सम्पर्क व निगरानी की जा रही है ताकि कारखाना क्षेत्र में अधिक मात्रा में नई किस्म की गन्ना का रोपण कर सकें और उत्पादन में वृद्धि हो सकें आशा है कि गन्ना प्रजाति में इस बदलाव से गन्ने के उत्पादन में वृद्धि होगी तथा किसानों को अर्थिक लाभ प्राप्त हो सकेगा।
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