*जिले में धान खरीदी व उठाव सुव्यवस्थित तरीके से जारी*
*डीओ जारी करने में राज्य में जिला तीसरे स्थान पर*

मुंगेली, // जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी एवं किसानों को समयबद्ध भुगतान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तत्परता से कार्य कर रहा है। प्रशासनिक प्रयासों का परिणाम है कि धान खरीदी, उठाव और भुगतान के क्षेत्र में मुंगेली जिला राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। जिले के 66 सहकारी समितियों के 105 उपार्जन केन्द्रों में 01 लाख 10 हजार 919 पंजीकृत किसानों में से 64 हजार 510 किसानों से धान की खरीदी की जा चुकी है। इस दौरान 727 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का लगभग 31 लाख क्विंटल धान उपार्जित किया गया है। खरीदी किए गए धान में 36 हजार 460 सीमांत किसान, 25 हजार 846 लघु किसान तथा 2 हजार 204 दीर्घ किसान शामिल हैं, जो शासन की किसान-हितैषी नीति को दर्शाता है।
जिले में अब तक लगभग 30 लाख क्विंटल धान के उठाव हेतु डीओ जारी किया जा चुका है, जो कुल खरीदी का 99.40 प्रतिशत है। इसके साथ ही अब तक 20 लाख क्विंटल धान का उठाव कार्य भी पूर्ण किया जा चुका है। डीओ जारी करने के मामले में मुंगेली जिला पूरे राज्य में तृतीय स्थान पर है, जो जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों का प्रमाण है। किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। भुगतान प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु बैंकों में काउंटरों की संख्या बढ़ाई गई है, साथ ही एटीएम एवं चेक के माध्यम से भी भुगतान किया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अपने वास्तविक धान का ही विक्रय करें। शासन पंजीकृत किसानों से उनके रकबा का 1-1 दाना खरीदी के लिए प्रतिबद्ध है, किंतु बाहरी अथवा कोचिया-बिचौलियों के बहकावे में आकर धान विक्रय करना कानूनन अपराध है। इससे न केवल शासन को आर्थिक क्षति होती है, बल्कि यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ संचालित किया जा रहा है, ताकि जिले के प्रत्येक पात्र किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो सके।
