कोटा-रतनपुर मार्ग पर 108 एंबुलेंस खराब, मेंटेनेंस पर उठे सवाल

कोटा-रतनपुर मार्ग पर 108 एंबुलेंस खराब, मेंटेनेंस पर उठे सवाल

मरिजों को सहारा देने वाली 108 सेवा खुद सड़क पर बनी सहारे की मोहताज, जिम्मेदारों से जवाब की मांग

बिलासपुर ब्यूरो चीफ़ मोहनीश सिंह राजपूत की खास रिपोर्ट 

कोटा। कोटा-रतनपुर के बीच सड़क मार्ग पर उस समय चिंता की स्थिति बन गई, जब मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने वाली 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस खराब होकर सड़क पर खड़ी हो गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब 108 एंबुलेंस आपातकालीन स्थिति में मरीजों के लिए जीवनरक्षक सेवा है, तो समय-समय पर इसके मेंटेनेंस और फिटनेस की जांच क्यों नहीं की जाती?

अगर एंबुलेंस मरीज को लेकर बीच रास्ते में खराब हो जाए, तो आपात स्थिति में मरीज और उसके परिजनों को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा के संचालन और रखरखाव को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। 2026 में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष बताया था कि नई व्यवस्था के तहत 375 एंबुलेंस राज्य के सभी 33 जिलों में संचालित की जा रही हैं।

ऐसे में कोटा-रतनपुर मार्ग पर खराब हुई 108 एंबुलेंस को लेकर स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सवाल किया है कि आखिर वाहन का नियमित मेंटेनेंस कब किया गया था और सड़क पर चलने से पहले उसकी फिटनेस की जांच हुई थी या नहीं?

लोगों की मांग है कि मामले की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी गंभीर मरीज को बीच रास्ते में एंबुलेंस खराब होने की वजह से परेशानी न उठानी पड़े।

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