*केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने दिल्ली मेट्रो के 32वें स्थापना दिवस में की सहभागिता,बोले—‘गति’ और ‘शक्ति’ के युग में भारत अग्रसर*

दिल्ली:-आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के 32वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की।
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री के. श्रीनिवास, दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार सहित मेट्रो परिवार के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में श्री साहू ने दिल्ली मेट्रो परिवार को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह केवल एक वर्षगांठ नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ‘गति’ और ‘शक्ति’ के नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ आधुनिक बुनियादी ढांचा विकास की आधारशिला बन गया है। उन्होंने देश में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेस-वे और मेट्रो नेटवर्क के तीव्र विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का मेट्रो नेटवर्क 1150 किलोमीटर से अधिक हो चुका है और निरंतर विस्तार पर है।
श्री साहू ने अपने हालिया इंदौर दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा मेट्रो परियोजना के प्रथम चरण के उद्घाटन ने शहरी परिवहन को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि बैलगाड़ी से आधुनिक मेट्रो तक की यात्रा भारत के तीव्र विकास को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से पूर्व सड़क अवसंरचना का विकास अपेक्षाकृत धीमा था, जबकि आज बहु-लेन राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे का व्यापक नेटवर्क विकसित हुआ है। ‘भारतमाला परियोजना’ सहित विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून और मेरठ-प्रयागराज जैसे प्रमुख एक्सप्रेस-वे देश की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ कर रहे हैं।
मंत्री श्री साहू ने कहा कि देश में राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण रिकॉर्ड गति से हो रहा है, वहीं वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें यात्रा अनुभव को नया आयाम दे रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क संचालित कर रहा है और शीघ्र ही दूसरे स्थान की ओर अग्रसर है।
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मेट्रो लाइनों का निर्माण नहीं, बल्कि उनके आसपास समेकित शहरी विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कड़कड़डूमा और द्वारका सेक्टर-25 जैसे क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहाँ आवासीय, वाणिज्यिक और परिवहन सुविधाओं का समन्वित विकास किया जा रहा है।
दिल्ली मेट्रो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए श्री साहू ने इसे सुरक्षा, दक्षता और सतत विकास का वैश्विक मानक बताया। उन्होंने क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग, डिजिटल भुगतान, बेहतर अंतिम मील कनेक्टिविटी, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा सौर ऊर्जा एवं इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के उपयोग जैसे प्रयासों को सराहा।
कार्यक्रम के दौरान ‘मेट्रो वूमन’, ‘मेट्रो पर्सन’, ‘बेस्ट स्टेशन’, ‘बेस्ट डिपो’ एवं ‘राजभाषा पुरस्कार’ सहित विभिन्न वार्षिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए श्री साहू ने कहा कि उनका समर्पण ही दिल्ली मेट्रो की सफलता का आधार है। उन्होंने सभी हितधारकों से आधुनिक, सतत और गतिशील शहरों के निर्माण हेतु निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
