(संस्कारधानी के आंगन में पधारे आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, जबलपुर की धरती पर कदम रखते ही कहा – जय नरबदा माई)
*(जिला एवं पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी सर्तक)*

*जबलपुर* , संस्कारधानी की पावन धरा एक बार फिर धन्य हो गई…। अश्वमेघ यज्ञ और गजरथ महोत्सव जैसे महाआयोजनों की साक्षी पुण्यभूमि पर बागेश्वरधाम के आचार्य पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के पावन जैसे ही पड़े, संपूर्ण संस्कारधानी में उनकी जय-जयकार गूंज उठी। असंख्य भक्तों ने पलकें बिछाकर भावपूर्ण अभिनंदन कर संतों के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने स्वर्णिम परंपरा को और सबल बना दिया।

श्री बागेश्वर धाम सरकार ने जबलपुर की धरती पर कदम रखते ही कहा जय नरबदा माई की। विशेष विमान से डुमना एयरपोर्ट पहुंचे। एक झलक पाने के लिए लोग एयरपोर्ट पहुंचे, जहां पर शास्त्री जी का विधायक सुशील तिवारी ‘इंदू’, श्रीमती माया तिवारी, हर्ष तिवारी, अमन तिवारी, रोहित तिवारी, सत्येंद्र पटेल सहित गणमान्य नागरिकों ने भावपूर्ण स्वागत किया। इसके बाद महाराज विश्राम स्थल की ओर रवाना हुए। शहर पहुंचने वाले मार्ग पर जगह-जगह लोगों ने स्वागत मंच सजाए थे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा करते हुए जय-जयकार की। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाएं और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिला एवं पुलिस प्रशासन के आला अधिकारीीभी सर्तक हैं। कथा पंडाल में सुबह से ही भक्तों श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। कथा विधि विधान से पूजन अर्चन के बाद सायं चार बजे से प्रारंभ हुई।
श्री बागेश्वर धाम सरकार शनिवार से पनागर में प्रतिदिन शाम चार से रात आठ बजे तक संगीतमय भागवत कथा की रसवर्षा करेंगे। कथा की तैयारियों के लिए कई एकड़ में पंडाल बनाया गया है। महाराजश्री यहां 27 एवं 28 मार्च को दिव्य दरबार भी लगाएंगे। जिसमें श्रद्धालुओं को भभूति दी जाएगी। आयोजन समिति ने संस्कारधानी के धर्म प्रेमियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर भागवत कथा का श्रवण लाभ लेने की अपील की है।
