*जनदर्शन: प्रशासन ने संवेदनशीलता से सुनी आमजनों की समस्याएं*
*एडीएम और सीईओ जिला पंचायत ने अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश*

मुकेश साहू ब्यूरो मुंगेली, // कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गोकुल रावटे ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन का नियमानुसार, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एडीएम ने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद का प्रभावी मंच है। शासन की मंशा के अनुरूप आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इस दौरान आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पेयजल, भूमि संबंधी प्रकरणों सहित विभिन्न जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवेदन प्राप्त हुए। प्रशासन ने सभी आवेदनों का परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ कर दी है।
जनदर्शन में ग्राम केशरूवाडीह के श्री दुलकुंवर सिंह ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं राशन सुविधा दिलाने, ग्राम मोहभट्ठा के ग्रामीणों ने सार्वजनिक शौचालय निर्माण, ग्राम अमलीडीह के श्री टेकराम साहू ने भूमि रकबा संशोधन, ग्राम हेड़सपुर के श्री शंकर सिंह मरकाम ने प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने, ग्राम हेड़सपुर की श्रीमती मीना जांगड़े ने वार्ड क्रमांक-11 में पेयजल समस्या के समाधान तथा ग्राम उदका के श्री लखनलाल कुर्रे ने भूमि सीमांकन सहित अनेक ग्रामीणों ने अपनी मांग एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। सभी आवेदनों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया गया। एडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। जनदर्शन के दौरान लोरमी एसडीएम श्री अजीत पुजारी, पथरिया एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
