🔹 *अपहरण कर फिरौती की माँग करने वाले 01आरोपी सहित 01 नाबालिक को किया रतनपुर पुलिस ने किया गिरफ्तार*
🔹 आरोपियों द्वारा 50,000 रूपये की, की गई थी माँग।
🔹 मामले के अन्य आरोपियों की पतातलाश जारी।
गिरफ्तार आरोपी –
1. इशांन सारथी पिता वीरू सारथी उम्र 18 साल 02 माह निवासी महामाया चौक रतनपुर थाना रतनपुर जिला बिलासपुर।
2. एक नाबालिक बालक।


संदीप साहू ब्यूरो बिलासपुर :- दिनाँक 24/06/2026 को भेलवापारा कलमीटार निवासी थाना रतनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि अपने घर के आंगन में था उसी समय रतनपुर निवासी इशांन सारथी, सोम रजक, निखिल रजक ऊर्फ एलियन व उनके साथी आये और प्रार्थी को बोले कि तुमसे कुछ काम है बात करना है थोडा बाहर आओ तब घनश्याम पाटले के बाहर आने पर उन लोगों के द्वारा घनश्याम के गले में धारदार चाकू अडाकर जबरदस्ती मोटर सायकल में बैठाकर कोरबाभांवर जंगल ले गये और प्रार्थी के सामने पेपर में थोडा गांजा को फैलाकर फोटो खिचे उसके बाद धमकी दिये कि जैसे-जैसे हम लोग बोलेंगे वैसा-वैसा फोन से बोलना, फिर प्रार्थी को उसके घर में को फोन करके बोलने के लिये बोले कि मैं गांजा में पाली थाना में पकडा गया हूं केश को रफादफा करने के लिये 50000 रूपये मंगाने बोले तो प्रार्थी अपनी मां को उक्त बातें बताकर 50000 रूपये लाने के लिये बोला, तो प्रार्थी की मॉ तैयार हो गयी फिर, प्रार्थी के घर वाले कहां पैसा लाना है बोले तो वे लोग महामाया मंदिर रतनपुर बाईपास बादल महल के पास आना बोले उसके कुछ देर बाद हेलीपेड रतनपुर के पास आने के लिये बोले तब प्रार्थी के घरवालों को संदेह होने पर वे लोग पुलिस को बताकर रखे थे, महामाया बाईपास रोड में आरोपियों के द्वारा बुलाने पर घर वालों के पीछे-पीछे पुलिस वाले भी चले गये जहाँ इशांत सारथी व निखिल रजक ऊर्फ एलियन पुलिस को दख लिये फिर भागने लगे जिन्हे दौडाकर पकडे, आरोपी सोम रजक व यश मौके से भाग गये निखिल रजक ऊर्फ एलियन तथा इशान सारथी, सोम रजक, यश के द्वारा अपहरण कर, गले में चाकू टिकाकर जान से मारने की धमकी देकर 50000 रूपये की मांग किये जिस पर थाना रतनपुर में अपराध पंजीबद्ध कर थाना प्रभारी रतनपुर द्वारा उक्त संबंध वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर उच्च अधिकारियों से प्राप्त दिशा निर्देश पर आरोपी इशांन सारथी व एक नाबालिक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
उक्त कार्यवाही में वर्तमान थाना प्रभारी रतनपुर उपनिरी. विष्णु यादव, सउनि नीलाकर सेठ, प्रशिक्षु उनि मनोज एक्का, आर. पवन ठाकुर, लेखपाल खुसरो का विशेष योगदान रहा।
