*शादी का झांसा देकर युवती से होटल में दरिंदगी: सूरजपुर में पदस्थ नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर पर रायपुर में रेप का केस दर्ज, अफसर फरार*

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से प्रशासनिक अमले को शर्मसार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर पुलिस ने सूरजपुर जिले में पदस्थ एक नायब तहसीलदार के खिलाफ शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है
आरोपी अधिकारी पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए युवती से दोस्ती बढ़ाई और फिर शादी का पवित्र वादा कर रायपुर के एक होटल में उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।मामला दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी अफसर शासकीय कार्य से मेडिकल लीव (चिकित्सीय अवकाश) लेकर फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले का मुख्य आरोपी दिवाकर भास्कर है, जो वर्तमान में सूरजपुर जिले के लटौरी क्षेत्र में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत है।पीड़िता और आरोपी अफसर की पहली पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला बढ़ा और नजदीकियां आ गईं। इसी दौरान नायब तहसीलदार दिवाकर भास्कर ने युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी करने का पक्का भरोसा दिया।पीड़िता का आरोप है कि शादी का झांसा देकर अधिकारी ने उसे रायपुर के गंज थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में बुलाया और उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध स्थापित किए।
घटना के बाद जब भी पीड़ित युवती ने अफसर से शादी करने की बात कही, तो दिवाकर भास्कर का रवैया पूरी तरह बदल गया और वह लगातार टालमटोल करने लगा। काफी समय बीतने के बाद जब पीड़िता को यह अहसास हुआ कि शादी का झूठा आश्वासन देकर उसके साथ छल किया गया है और धोखे से संबंध बनाए गए हैं, तो उसने न्याय की गुहार लगाते हुए रायपुर के गंज थाने में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने पीड़िता के बयान और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नायब तहसीलदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का झांसा देकर संबंध बनाना) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।चौंकाने वाली बात यह है कि जैसे ही गंज थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज हुई, आरोपी तहसीलदार कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जाल बिछाकर गायब हो गया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी दिवाकर भास्कर 6 जून से अचानक मेडिकल लीव पर चला गया है और तब से वह अपने कार्यालय में भी उपस्थित नहीं हुआ है।
रायपुर पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसने सूरजपुर स्थित उसके शासकीय निवास समेत अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है, लेकिन देर शाम तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अब होटल के ठहरने के रिकॉर्ड, दोनों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया चैट जैसे सभी महत्वपूर्ण डिजिटल व तकनीकी साक्ष्यों को गहराई से खंगाल रही है, ताकि आरोपी के खिलाफ अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
