*विश्व तंबाकू निषेध दिवस: नर्सिंग कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन*
*रंगोली, पेंटिंग, स्लोगन लेखन और रैली के माध्यम से दिया गया नशामुक्ति का संदेश*
*तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों का सेवन नहीं करने तथा दूसरों को जागरूक करने ली गई शपथ*

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी मुंगेली, // विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिले में तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे के मार्गदर्शन में नर्सिंग महाविद्यालय में निकोटीन और तंबाकू की लत का पर्दाफाश थीम पर जन-जागरूकता कार्यक्रम, रैली, रंगोली, पोस्टर पेंटिंग एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों, विशेषकर कैंसर और हृदय रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए आकर्षक पोस्टर, रंगोली और स्लोगन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली के दौरान “तंबाकू छोड़ें, जीवन से जुड़ें”, “तंबाकू को कहें ना, स्वस्थ जीवन को कहें हाँ” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। साथ ही आमजनों को तंबाकू के दुष्प्रभावों से संबंधित जानकारी देने के लिए जागरूकता सामग्री का वितरण भी किया गया। जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) डॉ. कासिम कुरैशी ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू और निकोटीन उत्पादों से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय के कक्ष क्रमांक-13 में तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र संचालित किया जा रहा है, जहां आधुनिक मशीनों से जांच सुविधा उपलब्ध कराए जा रहा है। कार्यक्रम में साइकोलॉजिस्ट श्री ओमप्रकाश साहू एवं सोशल वर्कर श्री बलराम सिंह साकत ने प्रतिभागियों को कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों एवं तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों ने तंबाकू एवं निकोटीन उत्पादों का सेवन नहीं करने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
