*नेशनल लोक अदालत में 17 हजार से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण*
*50 लाख 25 हजार रुपये से अधिक का अवार्ड पारित*
*नेशनल लोक अदालत न्याय स्थापित करने का सशक्त मंच – मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा*

तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली,// जिला न्यायालय परिसर में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने जिला न्यायालय परिसर स्थित लॉयर्स हॉल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त जिला न्यायालयों से जुड़कर दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मुख्य न्यायाधीश श्री सिन्हा ने उपस्थित न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल लोक अदालत केवल प्रकरणों के बोझ को कम करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सुलह और आपसी समझ से न्याय स्थापित करने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का एक महत्वपूर्ण ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो विवादों को आपसी सहमति से समाप्त कर पक्षकारों के बीच मनमुटाव और दुश्मनी की भावना को भी खत्म करता है। उन्होंने अधिक से अधिक मामलों के राजीनामा के माध्यम से निराकरण हेतु सभी को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला न्यायालय मुंगेली एवं नेशनल लोक अदालत की विभिन्न खंडपीठों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर में जरूरतमंदों एवं पक्षकारों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए। साथ ही बैंक, बीमा, नगर निगम तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर अधिकाधिक प्रकरणों के निराकरण में सहयोग देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत शुभारंभ मुंगेली जिले से किया गया, जो न्यायपालिका की संवेदनशीलता एवं दूरदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पारदर्शी, जनहितकारी और सुलभ न्याय व्यवस्था की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
नेशनल लोक अदालत के लिए जिला न्यायालय में 06, तहसील न्यायालय लोरमी में 01 तथा राजस्व न्यायालय में 08 खंडपीठों का गठन किया गया था। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित 2060 तथा प्री-लिटिगेशन के 19 हजार 738 सहित कुल 21 हजार 798 प्रकरण सुनवाई हेतु चिन्हित किए गए थे। इनमें से न्यायालय में लंबित 01 हजार 794 प्रकरणों का निराकरण कर 42 लाख 81 हजार 324 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। वहीं प्री-लिटिगेशन के 15 हजार 538 प्रकरणों का निराकरण कर 07 लाख 44 हजार 656 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल श्री रजनीश श्रीवास्तव, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालयीन कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे। अगले नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितम्बर 2026 को किया जाएगा।
