सन्दर्भ- 1. मुख्य अभियंता (मा. संसा.) छ. रा. वि.पा. कं. लि., रायपुर का आदेश क्र. 01-01/पी डी -तीन /1677/2356/ रायपुर, दिनांक 05.05.2020.
2. छ. रा. पा. कम्पनीज की 18 मार्च 2021 को सम्पन्न हुई 66वीं मीटिंग में पारित एजेंडा क्र. 66/20

बिलासपुर:-उपरोक्त विषयान्तर्गत आपसे सादर निवेदन है, कि मुख्य अभियन्ता (मा. संसा.) छ. रा. वि.पा. कं. लि., रायपुर द्वारा किये गए आदेश (संदर्भ क्र.-01) के माध्यम से उत्पादन कंपनी में कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं के साथ छल किया जाना प्रतीत हो रहा है| इस आदेश के अनुसार कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति की सीमा जो किया पूर्व में 70% सीधी पदोन्नति थी, उसे घटाकर 40% कर दिया गया है जो कि सभी कनिष्ठ अभियंताओं के हितों को संकट में डाल रहा है| पूर्व में कंपनी द्वारा आदेश संदर्भ क्र. -02 को पारित किये जाने के पीछे तत्कालीन कंपनी प्रबंधन ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को ध्यान में रखा था, जो कि निम्नानुसार है –
1. *कम्पनी पर आर्थिक बोझ में कमी* – महोदय, पूर्व काल एवं वर्तमान में भी कंपनी में अधिक संख्या में सहायक अभियंता का उच्च वेतनमान प्राप्त कर चुके कनिष्ठ अभियंता कार्यरत हैं, जिन्हें तत्काल पदोन्नति देने से कंपनी को किसी प्रकार का आर्थिक बोझ वहन नहीं करना पड़ेगा तथा सहायक अभियंता के पद पर पूर्व से ही कंपनी में कार्यरत अनुभवी, दक्ष एवं पारंगत अभियंता कंपनी को अपना सर्वस्व लगाकर सेवा देंगे| परन्तु, यदि सहायक अभियंता के पद पर नये अभियंता की भर्ती की जाएगी तो नये अभियंताओं को प्रशिक्षण देना होगा तथा अलग से वेतन एवं अन्य भत्ते भी दिए जायेंगे जो कि कंपनी पर अधिक आर्थिक बोझ बढ़ाएंगे|
2 *. स्थानीय युवाओं के रोजगार में वृद्धि* -माननीय छ. ग. शासन के प्रमुख लक्ष्यों में स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करना है| सहायक अभियंता के पद पर भर्ती खुली भर्ती होती है, जिसमे छत्तीसगढ़ राज्य के युवाओं के साथ ही भारत के सभी युवा प्रतियोगिता करते हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसर कम हो जाते हैं| जबकि शासन के नियमानुसार, कनिष्ठ अभियंता पद पर केवल छतीसगढ़ राज्य के मूल निवासी ही प्रतियोगिता करते हैं, जिससे रिक्त पदों पर केवल स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार सुनिश्चित होता है| संदर्भ क्र. 01 में किया गया आदेश स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार के अवसर कम करता है तथा रोजगार की प्रकिया कों और अधिक दुर्गम बनाता है|
3. *नियमों की गलत व्याख्या*- कनिष्ठ अभियंता के पद हेतु परीक्षा में डिप्लोमा एवं डिग्री प्राप्त अभियंता दोनों को प्रतियोगिता की अनुमति होती है, परन्तु सहायक अभियंता के पद हेतु परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए डिग्री होना आवश्यक है, आदेश क्र. सन्दर्भ -02 से डिप्लोमा प्राप्त अभियंताओं के रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं | इसके साथ ही कम्पनी में डिप्लोमा प्राप्त अभियंता पदोन्नति लेते हुए अधीक्षण अभियंता के पद तक पहुँचते हैं, जिसे आधार बनाकर कंपनी प्रबँधन द्वारा गलत व्याख्या की जा रही है, कि कनिष्ठ अभियँता आगे चलकर मुख्य अभियंता नहीं बन पाएंगे जिससे प्रबंधन को समस्या होगी, जबकि इसके उलट कनिष्ठ अभियंता के भर्ती में डिप्लोमा के साथ ही डिग्री एवं पोस्ट ग्रेजुएट अभियंता भी कंपनी में सेवा दे रहे हैं जो कि समय के साथ पदोन्नति प्राप्त करते हुए मुख्य अभियंता के पद तक पहुँच सकते हैं| महोदय, जब पूर्व व्यवस्था के द्वारा कनिष्ठ अभियंता के वेतनमान पर ही अधिक योग्यता प्राप्त अभियंता कंपनी कों सेवा दे सकते हैं, तो नियम बदलकर सहायक अभियंता के पद पर भर्ती करते हुए कंपनी एवं शासन पर आर्थिक बोझ डालकर करदाताओं के धन कों अकारण व्यर्थ किया जाएगा जो कि अनुचित है
आप के कुशल नेतृत्व में राज्य निरन्तर उन्नति कर रहा है और आप राज्य के निवासियों के रोजगार के नित नए अवसर प्रदान कर रहे हैं हमें पूर्ण विश्वास है छत्तीसगढ़ के रोजगार में अन्य राज्य के लोगों पिछले दरवाजे से भर्ती करने की प्रबन्धन की उपरोक्त आदेश को निरस्त करने की कृपा करेंगे
धन्यवाद
|इंजीनियर बी बी जायसवाल
प्रांतीय अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल
पत्रोंपाधि अभियंता संघ
