
मुंगेली:-राजीव गाँधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी मे 24 सितम्बर को राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस पुरे हर्षोल्लास एवं गरिमा पूर्ण माहौल मे मनाया गया.इस संबंध मे महाविद्यालय के प्रो डॉ नरेन्द्र सलूजा ने बताया कि रासेयो के स्थापना दिवस समारोह मे मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संयोजक प्रो नरोत्तम पुरले सहायक प्राध्यापक जे पी मिश्रा शासकीय विज्ञानं महाविद्यालय मुंगेली तथा प्राचार्य डॉ एन के ध्रुवे की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम के आरम्भ मे मुख्य अतिथि प्रो पुरले एवं अध्यक्ष प्राचार्य डॉ ध्रुवे एवं स्टाफ के द्वारा दीप प्रज्जवित किया गया.तातपश्चात् रा से यों के कार्यक्रम अधिकारी डॉ आर एस साहू एवं प्रो निधि सिंह ने रा से यों की स्थापना का परिचय देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) भारत सरकार के युवा और खेल मंत्रालय की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे औपचारिक रूप से 24 सितंबर, 1969 को शुरू किया गया।रा से यों के संयोजक प्रो एच एस राज ने कहा कि एनएसएस का आदर्श वाक्य है “मैं नहीं बल्कि आप”। यह इस बात पर जोर देता है कि किसी व्यक्ति का कल्याण अंततः पूरे समाज के कल्याण पर निर्भर करता है। यह लोकतांत्रिक जीवन का सार व्यक्त करता है और निस्वार्थ सेवा की आवश्यकता और दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण की सराहना और साथी मनुष्यों के लिए विचार को भी बढ़ावा देता है। प्रो एस के जांगड़े ने कहा कि एनएसएस छात्रों को व्यक्तिगत रूप से और समूह के रूप में भी विकसित होने में मदद करता है । एनएसएस गतिविधियों के तहत विभिन्न कार्यों के लिए स्वयंसेवा करने से छात्रों को आत्मविश्वास मिलता है, नेतृत्व कौशल विकसित होता है और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के विभिन्न लोगों के बारे में जानने का मौका मिलता है। प्राचार्य डॉ ध्रुवे ने कहा कि एनएसएस के तहत हम सभी लोगों को समाज भलाई के कार्यो जैसे जागरूकता रैली निकालना, नारी शिक्षा, रक्त दान, स्वच्छता, जीवन-मूल्यों को बनाए रखना आदि नेक कार्य करने चाहिए। मुख्य अतिथि प्रो पुरले ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का सिद्धांत है कि किसी व्यक्ति का कल्याण पूरे समाज के कल्याण पर निर्भर करता है. इसके लिए, एनएसएस के स्वयंसेवक समाज के लोगों की भलाई के लिए काम करते हैं.एनएसएस का आदर्श वाक्य है, ‘मैं नहीं बल्कि आप’. यह लोकतांत्रिक जीवन का सार बताता है. निस्वार्थ सेवा की ज़रूरत पर ज़ोर देता है. दूसरे लोगों के दृष्टिकोण की सराहना करने और प्राणियों के लिए सहानुभूति रखने का संदेश देता है. इसके अलावा श्री पी पी लाठिया प्रो महेन्द्र पात्रे, डॉ अर्चना भास्कर, प्रो नितेश गढ़ेवाल, श्री आर के श्रीवास्तव ने भी रा से यों के संबंध मे अपने विचार व्यक्त किए. उदबोधन के बाद स्वयंसेवकों के द्वारा युगल गीत तुलसी और भान,छत्तीसगढ़ महतारी की संस्कृति पर नृत्य रानी एंड ग्रुप जीवी,गुरु शिष्य परंपरा गुरु द्रोण और एकलव्य की गाथा पर आधारित नृत्य नाटिका
तुलसी और अंजना, स्वच्छ भारत अभियान पर नुकड्ड नाटक
अवधेश और दिव्या ग्रुप, देशभक्ति नृत्य राजा एंड ग्रुप, युगल गीत अरपा पैरी की धार संस्कृत में
अनामिका और यामिनी, मराठी संस्कृति पर नृत्य
अंजना एंड ग्रुप, स्वच्छ भारत अभियान पर नृत्य नाटिका
पायल एंड ग्रुप प्रस्तुत किता गया, उदबोशन के पश्चात् स्वयंसेवको को मुख्य एवं विश्वविद्यालय मे टॉप टेन मे शामिल विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि, प्राचार्य रवं विभागध्यक्ष के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया.. इस दौरान महाविद्यालय के प्रो अमित निषाद, डॉ गंगा गुप्ता, प्रो श्रेया श्रीवास्तव प्रो मनीष कश्यप, श्री अविनाश निर्मलकर, श्री एन आर जायसवाल, श्री पुणेश जायसवाल, श्री गंगाराम जायसवाल,श्री प्रताप भानु शर्मा श्री भागबली जायसवाल श्री शिव यादव, श्री मुकेश यादव, श्री सुबुद्धि यादव सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित थे
