
मुंगेली:-आज दिनांक ,21.02.2024 को शासकीय महाविद्यालय लोरमी में वाणिज्य विभाग द्वारा सशक्त भारत – समृद्ध भारत…@2047 में ग्रामीण उद्यमिता विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया…. कार्यशाला की शुभारंभ अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर सरस्वती वंदना से किया गया। तत्पश्चात राजकीय गीत एवं राष्ट्रगान हुआ। कार्यशाला के आयोजन सचिव एवं वाणिज्य

विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आर एस साहू ने अतिथियों का परिचय देते हुए कार्यशाला के विषय वस्तु व उद्देश्य पर अपना विचार रखते हुए कहा कि यह कार्यशाला विकसित भारत…@2047 के थीम पर आधारित है,जिसका केंद्र बिंदु ग्रामीण उद्यमिता है। ग्रामीणों को उद्यमी बनाकर सशक्त व समृद्ध गांव से विकसित भारत @2047 के परिकल्पना को साकार करना हैं।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ अनुपम तिवारी विभागाध्यक्ष – ग्रामीण प्रौद्योगिकी डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय कोटा बिलासपुर ने कहा कि सशक्त भारत -समृद्ध भारत..@ 2047 की परिकल्पना साकार तभी होगा जब भारत के गांव सशक्त व किसान समृद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयाम ग्रामीण विकास से संबंधित है जहां कम से कम लागत पर कच्ची सामग्री से हम दैनिक जीवन में उपयोग किए जाने वाले अनेक उत्पादों को अपने घर पर ही बना सकते है । उदहारण स्वरूप उन्होंने बताया की आप साबुन, फिनाइल, हैंडवॉश, फैशवाश जैसे अनेकों उत्पाद कम से कम लागत पर अपने ही घर में बना सकते हैं जिसका सभी संसाधन गांवों में उपलब्ध है । कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता डॉ प्रमोद नामदेव – पशु चिकित्सा अधिकारी लोरमी, ने उद्वोधन में कहा कि भारत जैसे अनेकों देश जो 1960 – 70 के दशक में एक सामान्य विकासशील देश थे जो आज विकसित देशों की श्रेणी में सम्मिलित हो चुका है किन्तु भारत आज भी विकासशील अर्थव्यवस्था वाली देश है, इसका सबसे बड़ा कारण जनसंख्या विस्फोट एवं तकनीक की कमी को बताया । आज भारत भी नवीन तकनीकों का प्रयोग करके ग्रामीण अधोसंरचना में वृद्धि कर रही है, जो ग्रामीण संसाधनों एवं उत्पादों को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक है। विशिष्ट वक्ता श्री बाल गोविंद साव शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक लोरमी ने उद्बोधन में कहा कि ग्रामीण विकास से संबंधित अनेकों मुद्रा योजना , ऋण योजना ग्रामीण स्वरोजगार को स्थापित करने हेतु बैंक प्रोत्साहित करती है, ग्रामीण विकास में बैंक सदैव तत्पर है और शासन प्रशासन की विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वयन हेतु अनेकों ऋण योजना प्रदान करती है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ एन के धुर्वे ने कहा की भारत गांवों का देश है, गांवों में ही भारत की आत्मा निवास करती हैं। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए गांवों में किसानों को समृद्ध बनाना होगा एक सशक्त गांव व समृद्ध गांव से ही विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को पूर्ण कर पायेंगे। कार्यशाला के संयोजक प्रोफेसर एन एस परस्ते विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र ने उद्बोधन में कहा कि गांवो की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए ग्रामीण रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना होगा, जो कृषि आधारित लघु व कुटीर उद्योगों को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ावा देने से उत्पन्न होगा, साथ ही फसल चक्र को भी अपनाकर उपज में वृद्धि लाने का सार्थक प्रयास किया जाए जिससे किसानों की आमदनी में वृद्धि संभव हो। कार्यशाला को प्रो एच एस राज विभागाध्यक्ष हिंदी ने संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में ऐसे कार्यक्रम का आयोजन से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से हम सभी ग्रामीण किसानों , मजदूरों से जुड़ते हैं और उनके परिश्रम का उचित प्रतिफल उन्हें कैसे मिले इस विषय पर चिंतन करते हैं परिणाम स्वरूप अनेकों विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र के विश्लेषण से निष्कर्ष पर पहुंचते है। कार्यशाला को प्रो महेन्द्र पात्रे ने संबोधित करते हुए कहा कि आप साहसिक हो कार्य करें आज नहीं तो कल सफल जरूर होंगे और जब आप सभी अपने परिवार के आर्थिक आमदनी का हिस्सा बनेंगे तो आपका घर परिवार समृद्ध होगा जो एक परिवार सक्षम बनाएगा। इस अवसर पर वाणिज्य विभाग के विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ग्रामीण उद्यमिता के योगदान को भी व्यक्त करने का सार्थक प्रयास किया गया.. जिसमें बी कॉम अंतिम वर्ष की छात्रा पूजा एवं रूद्राणी को फिनायल प्रोडक्ट निर्माण पोस्टर प्रस्तुतीकरण पर प्रथम स्थान, भारती ढीमर को प्रोडक्ट लेबलिंग प्रस्तुतीकरण पर द्वितीय स्थान,मनीष,राहुल,अमित को MCL CNG प्रोडक्ट प्रस्तुतीकरण पर तृतीय स्थान रहा, बी कॉम द्वितीय वर्ष के छात्र सुधांशु, प्रवीण, विजय, को एक सफल किसान की प्रसिद्धि नो फार्मर नो फूड पोस्टर प्रस्तुतीकरण पर प्रथम स्थान, होलीराम, प्रियंका, संध्या
ग्रामीण विकास में पशुपालन पोस्टर प्रस्तुतीकरण पर द्वतीय स्थान, ज्योति अनंत – टरसल प्रस्तुती करण पर तृतीय स्थान।
बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा
-पायल केसरवानी – जीरो वेस्ट नो प्लास्टिक बायोग्राफिकल पोस्टर प्रस्तुतीकरण पर प्रथम
-मनीषा ,दीपिका मालती – ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर पोस्टर प्रस्तुतीकरण पर द्वितीय, -चांदनी साहू- ग्लोबल वार्मिंग पोस्टर प्रस्तुतीकरण पर तृतीय स्थान प्रदान किया गया । सभी विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों के द्वारा स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्तिपत्र से सम्मानित किया गया और सहभागिता सुनिश्चित करने वाले सभी छात्र छात्राओं को प्रशस्तिपत्र से सम्मानित किया गया इसके साथ ही महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा आमन्त्रित सभी अतिथियों का भी शॉल,श्रीफल,एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन प्रो. नंदनी गर्ग, प्रो. गुरूदेव कुमार, एवं डॉ गंगा गुप्ता ने किया। आभार प्रर्दशन कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ आर एस साहू के द्वारा किया गया।इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. एसके जांगड़े ग्रंथपाल श्री पी पी लाठिया, प्रो. निधी सिंह, प्रो. नितेश गढ़वाल प्रो. हेमा आर टंडन ,प्रो. डॉ. अर्चना भास्कर, प्रो. मनीष कश्यप, प्रो. अमित निषाद, प्रो. देवेंद्र जायसवाल वरिष्ठ लेखापाल श्री आरके श्रीवास्तव, एन आर जायसवाल , गंगाराम जायसवाल, पुर्णेश जायसवाल,पी.बी.शर्मा,भागबली जायसवाल सोनू, अनुराग, मुकेश ,सुबुद्धि, नरेंद्र , सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
