*12 वर्ष से फरार स्थायी वारंटी को आरपीएफ जबलपुर ने महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार*

रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) जबलपुर द्वारा लंबे समय से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई की गई है। यह गिरफ्तारी आरपीएफ जबलपुर की सतर्कता, निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी समन्वय का परिणाम है।
माननीय रेलवे न्यायालय द्वारा जारी स्थायी वारंट के आधार पर आरोपी जगन पिता लक्ष्मण यादव (उम्र 38 वर्ष) निवासी ग्राम वोदरे, थाना चालीसगांव, जिला जलगांव (महाराष्ट्र) की तलाश की जा रही थी। आरोपी के विरुद्ध सी.सी. क्रमांक 2164/15, अपराध क्रमांक 401/14 के अंतर्गत रेलवे अधिनियम की धारा 160 एवं 174 के तहत प्रकरण दर्ज था तथा वह पिछले लगभग 12 वर्षों से गिरफ्तारी से बचता आ रहा था।
आरोपी की गिरफ्तारी हेतु पूर्व में जनवरी माह में आरपीएफ जबलपुर के उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह एवं स्टाफ द्वारा उसके निवास स्थान पर जाकर पतासाजी की गई थी, किन्तु आरोपी बंजारा समुदाय से संबंधित होने तथा लगातार स्थान बदलते रहने के कारण अपने पते पर उपलब्ध नहीं मिला।
इसके पश्चात आरोपी की गिरफ्तारी हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा महाराष्ट्र के जलगांव जिले में पहुंचकर स्थानीय स्तर पर विस्तृत जानकारी एकत्रित की गई, क्षेत्र की गोपनीय रेकी की गई तथा आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी रखी गई। स्थानीय पुलिस थाना नानगांव के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके निवास स्थान से लगभग 80 किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के दौरान एवं जबलपुर लाते समय आरोपी द्वारा कई बार पुलिस दल को चकमा देकर भागने का प्रयास किया गया, किन्तु आरपीएफ टीम की सतर्कता एवं सूझबूझ के कारण उसके सभी प्रयास विफल रहे और उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर जबलपुर लाया गया।
गिरफ्तार वारंटी को दिनांक 08 जून 2026 को रेलवे न्यायालय के समक्ष अग्रिम वैधानिक कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली आरपीएफ टीम में निम्न अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे—
उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह
प्रधान आरक्षक जितेंद्र तिवारी
आरक्षक सूर्यनाथ यादव
आरपीएफ जबलपुर द्वारा फरार अपराधियों एवं वारंटियों के विरुद्ध विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई कानून के प्रति आरपीएफ की प्रतिबद्धता तथा अपराधियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के संकल्प को दर्शाती है।
