होमगार्ड के जवान ने की आत्महत्या परिवारजनों का रो रो कर हुआ बुरा हाल एक बार फिर गरमाया प्रदेश में जवानों के विभागीय भ्रष्टाचार/वेतन विसंगति का मामला ,,,,,पढ़े पूरी खबर।

आशीष कश्यप प्रधान संपादक बिलासपुर = राजनादगांव जिले से एक खबर सामने आई है जहां दो वरिष्ठ अधिकारी का नाम लिखकर एक होमगार्ड के जवान ने आत्महत्या कर ली नगर सैनिक के जवानों ने इसे सरकार की नाकामी बताया है, बताते चलें कि कुछ दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय के परिपालन में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश जारी किया गया था कि समान वेतन लागू किया जाए लेकिन समान वेतन लागू करना तो दूर बल्कि दिन रात गर्मी हो या बारिश का मौसम हो या कैसे भी विपदा आए 24*365 घंटे ड्यूटी में मुस्तैद रहने वाले नगर सैनिक के जवानों के जेबों में

डाका डाला जा रहा है, जिसके कारण ग्राम खैरा निवासी होम गार्ड के जवान ने आज आत्महत्या कर ली, वेतन और भोजन राशि में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए होम गार्ड के जवान ने आत्महत्या कर ली विभाग के 2 उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों का नाम का उल्लेख करते हुए, होम गार्ड के जवान ने आत्महत्या कर ली, उन्होंने यह आरोप लगाया कि मानदेय और भोजन राशि में गड़बड़ी की गई है, जिसमें 40 हजार रुपए की राशि मिलने वाली थी जिसे अन्य कार्य में खर्च कर दिया गया है, व

विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार किया गया है, होम गार्ड के जवान ने यह आरोप लगाया है कि लगातार ड्यूटी में तैनात किया जाता है अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किया जाता है कार्य का समुचित ढंग से विभाजन नहीं किया जाता है, प्रत्येक कार्य जो कार्य नियम में नहीं है उसे भी कराया जाता है, लगातार दबाव बनाया जाता है, जिससे कि व्यथित होकर जवान ने आत्महत्या कर ली, बताते चलें कि सुसाइड नोट में हाई कोर्ट के आदेशो की भी बात कही गई है जिसे की उच्च अधिकारीयो द्वारा पूरा नहीं किया जा रहा है, हाई कोर्ट के आदेशो की अवहेलना की जा रही है, जिससे कि महज लगभग 18 हजार रुपए में दिन रात कार्य कर जीवन चलाना पड़ रहा है, अब देखने वाली बात यह है कि इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन क्या कार्यवाही करती है और इतनी बड़ी संख्या में जवानों का गुस्सा जो फूटा है उसे सरकार किस तरह संभाल पाती है, क्या होम गार्ड के इस जवान द्वारा दिया गया बलिदान अन्य जवानों के लिए सार्थक साबित होगा।
