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    राजद्रोह कानून होगा खत्म’, अमित शाह ने अग्रेजों के कानून बदलने के लिए 3 बिल किए पेश

    नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज संसद में 3 विधेयक पेश किए। ये बिल देश की कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। शाह ने बिल पर बोलते हुए कहा कि अब देश में अंग्रेजों द्वारा लाए गए कानून नहीं चलेंगे और भारतीय आपराधिक कानूनों में बदलाव होगा।

     

    3 बिल किए गए पेश

     

    शाह ने लोकसभा में भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए तीन विधेयक पेश किए, जो ब्रिटिश काल के कानून हैं।शाह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 को आगे की जांच के लिए संसदीय पैनल के पास भेजा जाएगा।

     

    शाह ने कहा, इस विधेयक के तहत हमने लक्ष्य रखा है कि सजा का अनुपात 90 फीसद से ऊपर ले जाना है। इसीलिए, हम एक महत्वपूर्ण प्रावधान लाए हैं कि जिन धाराओं में 7 साल या उससे अधिक जेल की सजा का प्रावधान है, उन सभी मामलों में फॉरेंसिक टीम का अपराध स्थल पर जाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।

     

    शाह बोले- न्याय दिलाने पर फोकस

     

    गृह मंत्री ने कहा कि पहले के कानून ब्रिटिश प्रशासन की रक्षा करने की भावना से लाए गए थे, लेकिन नए तीन कानून भारतीय नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए हैं। शाह ने कहा कि अब लक्ष्य सजा देना नहीं, न्याय दिलाना होगा। अपराध रोकने की भावना पैदा करने के लिए सजा दी जाएगी।

     

    भगोड़ों को सजा देने के लिए भी प्रावधान

     

    शाह ने कहा कि अब कोई भगोड़ा भी देश के कानून से नहीं बच सकता है। उन्होंने कहा कि नए कानून में अब प्रावधान किया गया है कि सत्र न्यायालय किसी भी व्यक्ति की अनुपस्थिति में भी केस चला सकती है और जिसे बचना होगा वो भारत लौटकर केस लड़ेगा।

     

    देशद्रोह कानून होगा खत्म

     

    शाह ने इसी के साथ एलान किया कि देश में राजद्रोह (देशद्रोह) कानून को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बिल में इसका प्रावधान किया गया है।

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