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    *मुंगेली- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के संविदा कर्मचारियों ने सरकार के दमनकारी और बर्खास्त करने के आदेश के विरोध में 16 सितंबर तक नौकरी पर वापस लौटने के आदेश की प्रतियां जलाएं *


    तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम के संविदा कर्मचारियों ने सरकार के दमनकारी और बर्खास्त करने के आदेश के विरोध में 16 सितंबर तक नौकरी पर वापस लौटने के आदेश की प्रतियां जलाएं और मांगों के पूरा होने तक हड़ताल में रहने और संघ का साथ देने का शपथ भी लिये। एनएचएम स्वास्थ्यकर्मी कर्मचारी ग्रेड पे, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि जैसी अपनी मांगों को पूरा करने के लिए आंदोलन जारी रखे हुए हैं।
    जिले में एनएचएम कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल को आज एक महीना पूर्ण हो गया, किंतु जिला सहित प्रदेश स्तर पर चल रही इस हड़ताल के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला है। सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी ज्वाइन करने का नोटिस दिया है, जिसमें कहा गया है कि ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। सरकार के इस रवैये को कर्मचारी दमनकारी बता रहे हैं और उन्होंने इसे 16,000 से अधिक कर्मचारियों के लिए धमकी बताते हुए दमनकारी आदेश की प्रतियां जलाए है! जिले के एनएचएम कर्मचारियों ने सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार प्रदेश के एनएचएम कर्मचारियों को निकाल कर नई भर्ती की धमकी दे रही है, किंतु सरकार एवं सरकार के मंत्री संघ की मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करना ही नहीं चाह रहे है। संघ के सदस्यों ने बताया है कि पत्र के माध्यम से राज्य भर में जारी हड़ताल को तोड़ने का प्रयास किया गया है। इस दमनकारी पत्र से प्रतीत होता है कि राज्य सरकार जो बार बार संवेदशीलता की बात कर रही थी वो उसके पास है ही नहीं। कर्मचारी संगठन की ओर से 170 बार से ज्यादा विधायक मंत्री और न जाने कितने ही सत्ताधारी पार्टी के लोगों को ज्ञापन दिए। यह संगठन के संवेदनशीलता का परिचय था, जिसे संगठन ने अपनी मांगो और जन सामान्य की असुविधा को ध्यान में रखते हुए कार्य किया ताकि किसी भी प्रकार के बेमुद्दत हड़ताल की आवश्यकता न पड़े। कर्मचारी अपनी रोजी रोटी पेट पालन और भविष्य की चिंता में दिन रात अपनी सेवा दे रहा है और सरकार से यही तो मांग रहा है कि उनका भविष्य सुरक्षित हो जाए। आगे पूरे प्रदेश में आंदोलन और तेज और उग्र होगा। यदि सरकार प्रशाशन दमन की नीति अपनाएगी तो संगठन की ओर से भी संवैधानिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। समस्त जिला की ओर से राज्यपाल से इच्छामृत्यु मांगी जा रही है। कुछ दिनों में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। जैसे-जैसे दिन बढ़ते जा रहे है संगठन मजबूती के साथ आंदोलन में खड़ा रहेगा। धरना प्रदर्शन मे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के समस्त चिकित्सा अधिकारी आयुष, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, स्टॉफ नर्स, एएनएम, आरएमए, जेएसए, फार्मासिस्ट, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, विकासखंड लेखा प्रबंधक, विकासखंड डाटा प्रबंधक, जिला स्तर से टीबी विभाग के समस्त अधिकारी कर्मचारी एवं कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के समस्त अधिकारी कर्मचारी सहित बड़ी संख्या मे एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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