
तिजराम साहू ब्यूरो मुंगेली वरिष्ठ अभिभावक एवं विशिष्ट अतिथि रमेश कुमार साहू एवं पार्षद संजय चंदेल द्वारा डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन प्रारंभ किया गया। सर्वप्रथम ईश प्रार्थना के बाद समस्त अभिभावकों का स्वागत चंदन लगाकर किया गया। संस्थाध्यक्ष राजेन्द्र दिवाकर ने विद्यालय का प्रतिवेदन एवं विभिन्न गतिविधियों तथा विद्यालयीन समस्याओं के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों की उपस्थिति, टिफिन, पेयजल एवं जल संरक्षण, गणवेश, पुस्तक, स्वच्छता, अभिभावक संपर्क, वाहन, अपार आईडी, छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधा, सीसीटीवी से निगरानी, निःशुल्क शिक्षा, गृहकार्य, कक्षा कार्य एवं कापी जाँच तथा छात्रों की विभिन्न गतिविधियों में भागीदारी एवं प्रशिक्षण के संबंध में अभिभावकों को ध्यान देना चाहिए। अभिभावकों की उपस्थिति मात्र से विद्यालय विकास एवं शिक्षकों के थोड़ा सा मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से छात्रों की दिशा एवं भविष्य बदल सकती है। इसके लिए प्रबंध समिति दिन-रात प्रयास कर रही है। सुष्मिता बर्मन ने कहा कि व्हाटसअप गु्रप के साथ-साथ कापी में भी होमवर्क दिया जाये। जो बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं ऐसे बच्चों को उच्चारण कर पढ़वायें। विद्यालयीन सुविधाओं जैसे पेयजल, बाथरूम की व्यवस्था में सुधार करें। सुनीता घृतलहरे ने बताया कि अंग्रेजी से हिन्दी माध्यम में परिवर्तन होने से बच्चे हिन्दी और अंग्रेजी दोनों पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। रूखमणी नायक ने बताया कि उनके दो बच्चे पढ़ते हैं बच्चों को विद्यालय में अच्छी शिक्षा मिले कि बाहर ट्यूशन की आवश्यकता न पड़े। संस्कारों पर भी जोर दें। लालजी साहू ने कहा कि बच्चे पढ़ना-लिखना तो जानते हैं पर खुलकर किसी से बात नहीं कर पाते। प्रदीप बर्मन ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के लिए ऐसा वातावरण बनायें कि छात्र-शिक्षक आपस में अंग्रेजी में बात करें। टेकचंद गेंदले ने कहा कि कमजोर बच्चों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। रमाकांत बंजारे ने बताया कि मेरे तीन बच्चे यहां पढ़ते हैं पढ़ाई से संतुष्ट हैं तभी तो 12 किमी दूर से रोज साइकल से आते हैं।

सांवत चतुर्वेदी ने कहा कि जिस विश्वास से विद्यालय में अपने बच्चों को प्रवेश दिलाये हैं उसी विश्वास को बरकरार रखने के लिए शिक्षक भी कड़ी मेहनत कर संस्कारवान और गुणवान बनाये जिससे कि हमारा और विद्यालय परिवार गौरवान्वित हो। वार्ड पार्षद एवं अभिभावक संजय चंदेल ने कहा कि हमारे बच्चों के लिए हिन्दी माध्यम के साथ-साथ अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा उपलब्ध कराया जा रहा है यह सराहनीय प्रयास है। रमेश साहू ने अपने बच्चों के अंग्रेजी और गणित विषय के कमजोरी को दूर करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यालय की शिक्षा, संस्कार एवं उपलब्ध सुविधाओं से हम सभी अभिभावक संतुष्ट हैं। जब भी विद्यालय याद करे हम सभी अभिभावक तन-मन-धन से सहयोग प्रदान करेंगे। विद्यालय द्वारा जो निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है वह निश्चित रूप से हम मध्यमवर्गीय अभिभावकों के बच्चों के लिए बहुत जरूरी है। इस प्रकार के कोचिंग आगे भी दिया जाना चाहिए। प्राचार्य आशा दिवाकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास शिक्षक और अभिभावक दोनों मिलकर कर सकते हैं। बच्चों के पढ़ाई, लिखाई, अनुशासन एवं संस्कार पर शिक्षकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। विद्यालय सीमित साधनों के बाद भी दृढ़ता के साथ न्यूनतम शुल्कों में अच्छी शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध करा रहा है। बालकों के विकास के लिए पालकों का सहयोग अतिआवश्यक है आप विद्यालयीन समय के अलावा भी समस्याओं के निराकरण करने के लिए चर्चा कर सकते हैं। तत्पश्चात् बैठक का समापन एवं आभार प्रदर्शन उपप्राचार्य छत्रपाल डाहिरे ने किया। इस अवसर पर अभिभावकों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।
