Hanuman Chalisa: वैसे तो किसी भी दिन भगवान हनुमान की पूजा करने से व्यक्ति उनकी कृपा का पात्र बन सकता है। लेकिन हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन उनकी आराधना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है क्योंकि वह अपने भक्तों के सभी कष्ट हरते हैं। उनके चरित्र के चलते ही गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान जी को ‘सकल गुण निधानं’ कहा है। ऐसे में अगर आप सुबह-सुबह हनुमान जी की आरती गाते हैं या श्रवण करते हैं तो इससे जीवन में चमत्कारी लाभ मिलते हैं।
हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।।
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी। संतान के प्रभु सदा सहाई।।
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारी सिया सुध लाए।।
लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई।।
लंका जारी असुर संहारे। सियारामजी के काज संवारे।।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आणि संजीवन प्राण उबारे।।
पैठि पताल तोरि जमकारे। अहिरावण की भुजा उखाड़े।।
बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे।।
सुर-नर-मुनि जन आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे।।
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई।।
लंकविध्वंस कीन्ह रघुराई। तुलसीदास प्रभु कीरति गाई।।
हनुमान जी की आरती के लाभ
हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद आरती करना जरूरी माना गया है। इसके बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है। परम बलशाली श्री हनुमान की पूजा-आराधना भक्त भय से मुक्ति पाने के लिए करते हैं। ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी का नाम सुनते ही सभी प्रकार के भय और दुःख स्वयं ही दूर हो जाते हैं। हनुमान जी की नियमित आरती करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है। साथ ही हनुमान जी की आरती करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
