*प्रभारी सरपंच पर 6 सदस्यी जांच दल द्वारा लगाई जा चुकी है भ्रष्टाचार की मुहर*
*SDM एवं सीईओ के कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल*
*वर्तमान सीईओ पर कई बार लग चुका है दुर्व्यवहार का आरोप*

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर चांपा – मामला जांजगिर जिले के अकलतरा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पचरी का है जहां निर्वाचित सरपंच को सड़यंत्र कर अविश्वास प्रस्ताव द्वारा हटा दिया गया था एवं अन्य को सरपंच पद पर मनोनीत कर दिया गया ।
गौरतलब है कि दिनांक 14/07/2021 को अविश्वास प्रस्ताव कर निर्वाचित सरपंच को सड़यंत्र पूर्वक हटाने के पश्चात मनोनीत सरपंच द्वारा भारी भ्रस्टाचार को अंजाम दिया गया ।
बात दें की पचरी पंचायत के प्रभारी सरपंच पर भ्रस्टाचार की शिकायत हुई थी जिसमे जनपद पंचायत द्वारा 6 सदस्यी जांच टीम गठित किया गया था । भ्रस्टाचार की जांच मे 6 सदस्यी टीम ने प्रभारी सरपंच द्वारा 25 लाख 45 हजार से अधिक का आहरण करने तथा मात्र 14 लाख के लगभग ही विकासकार्य मे खर्च करने पाया गया । भ्रस्टाचार की जांच कर 6 सदस्यी टीम ने जनपद पंचायत मे जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया । भ्रस्टाचार के इस जांच मे कारवाई करने के बजाय जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने समय पर कोई कारवाई नही किया जा रहा है ।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक तरफ सांय सांय विकास कार्य किया जा रहा है वही ऐसे अधिकारियों के द्वारा भ्रस्टाचारी मनोनीत सरपंच को संरक्षण देना जनमानस मे आक्रोश पैदा कर रहा है । जल्द से जल्द इस मामले मे यदि कोई कारवाई नही होती है तो आगे भ्रस्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले अग्रणी संगठन आरटीआई एसोसिएशन द्वारा जन आंदोलन किया जाएगा ।
*मामूली मंच निर्माण पर निलंबन और बड़े भ्रष्टाचार पर संरक्षण*
अकलतरा अनुविभागीय क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत हेड़सपुर में मंच निर्माण को लेकर क्षेत्रीय अनुविभागीय अधिकारी द्वारा तत्काल कारवाई कर धारा 40 के तहत जिस प्रकार हटाया गया उसी प्रकार यदि उसी अनुविभागीय अधिकारी के क्षेत्र में ग्राम पंचायत पचरी के प्रभारी सरपंच पर कारवाई नही करना संसय पैदा करता है। भ्रष्टाचार पर एक को निलंबन और दूसरे को संरक्षण देना समझ से परे है।
