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    *भारतीय जनता पार्टी के आठ उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है।*

    मनोज साहू ब्यूरो-रायपुर/जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने 90 सीट में से 85 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है पार्टी की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इनमें से आठ के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण प्रकरण दर्ज है सबसे ज्यादा मुकदमा विजय शर्मा के खिलाफ है भारतीय जनता पार्टी के जिन आठ प्रत्याशियों पर एफआईआर दर्ज है उनमें दो महिलाएं भी शामिल है ज्यादातर पर बलवा की धारा लगी हुई है वही एक प्रत्याशी के ऐसे भी मामले दर्ज हैं जो की जिन पर चेक बाउंस की मामले दर्ज हैं।

    भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी में शामिल शकुंतला सिंह पोर्ते और सरल कौशल्या पर एफआईआर दर्ज है शकुंतला को पार्टी ने प्रतापपुर से प्रत्याशी बनाया है वही कौशल्या सरायपाली से प्रत्याशी बनाया गया है।
    वहीं पर रिकेश सेन पर चेक बाउंस के मामले में अपराध दर्ज है सेन को भारतीय जनता पार्टी ने वैशाली नगर सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है पार्टी की तरफ से जारी प्रत्याशियों के प्रोफाइल में सेन को ठेकेदार बताया गया है।

    कवर्धा विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी विजय शर्मा पर सबसे ज्यादा 7 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं बता दें कि इसी वर्ष कवर्धा में झंडा को लेकर विवाद के बाद दो संप्रदायों के लोग आमने-सामने आ गए थे इसी मामले में शर्मा पर एफआईआर दर्ज है और वह जेल भी जा चुके हैं कांकेर से प्रत्याशी बनाए गए आसाराम नेम खैरागढ़ के विक्रांत सिंह महासमुंद से योगेश्वर राजू सिंह पर भी एफआईआर दर्ज है।
    बताते चले हैं कि चुनाव आयोग ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले का रिकॉर्ड सार्वजनिक करना अनिवार्य कर दिया है इसमें राजनीतिक दलों को न केवल यह बताना होगा कि उन्होंने जिन लोगों को टिकट दिया है उनमें से कितने के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं बल्कि यह भी बताना होगा कि पार्टी ने उन्हें ही टिकट क्यों दिया है।
    कवर्धा से विजय शर्मा को टिकट देने के पीछे भारतीय जनता पार्टी ने तर्क दिया है कि वह एक अत्यधिक समर्पित व्यक्ति हैं जिन्होंने कई वर्षों से निर्वाचन क्षेत्र में समाज सेवा के लिए अपना समय और प्रयास शतक रूप से समर्पित किया है उन्हें लोगों की जरूरत और चुनौतियों की गहरी समझ है और उन्होंने समुदाय के सभी सदस्यों के जीवन के गुणवत्ता में सुधार के लिए अथक प्रयास किया है उन्होंने मतदाताओं के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं उनके साथ वास्तविक और सकारात्मक संबंधी स्थापित किया है और उनका विश्वास और सम्मान अर्जित किया है समुदाय की बेहतरीन के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता उनकी उपलब्धि क्या ट्रिक रिकॉर्ड और उनके द्वारा लगाए गए कई सकारात्मक परिवर्तनों में परिलक्षित होता है हमें विश्वास है कि वह निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है और जुनून समर्पण ईमानदारी के साथ लोगों की सेवा करना जारी रखेंगे।
    बिना आपराधिक पृष्ठभूमि वाले अन्य व्यक्तियों को उम्मीदवार के रूप में क्यों नहीं चुना जा सकता है इसके लिए उत्तर में भारतीय जनता पार्टी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करने के लिए समर्पित है जो निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की आशाओं को इच्छाओं का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व कर सके सभी संभावित उम्मीदवारों के व्यापक विचार और मूल्यांकन के बाद वर्तमान उम्मीदवार को सबसे उपयुक्त विकल्प के रूप में चुना गया है पार्टी का द्रव्य विश्वास है कि इस उम्मीदवार के पास निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को समर्पित सेवा करने और भारतीय जनता पार्टी के मूल्यों के प्रतिनिधित्व करने के लिए आवश्यक कौशल अनुभव और समर्पण है। हमें विश्वास है कि यह उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र में सकारात्मक व्रत बदलाव और प्रगति लाने की क्षमता रखता है और लोगों की जरूरत को पूरी करने के लिए अथक प्रयास करेगी इसलिए हम इस उम्मीदवार को रूप में क्यों नहीं चुना जा सकता इसके उत्तर में भारतीय जनता पार्टी ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करने के लिए समर्पित है निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के सभी संभावित उम्मीदवारों के व्यापक विचारों और मूल्यांकन के बाद वर्तमान उम्मीदवार को सबसे उपयुक्त विकल्प के रूप में चुना गया है पार्टी का द्रव्य विश्वास है कि उम्मीदवार के पास में।

    वैसे सोचा जाए तो तो चाहे भारतीय जनता पार्टी ही रहे चाहे कांग्रेस पार्टी रहे चाहे बहुजन समाज पार्टी रहे चाहे छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ही क्यों ना रहे चाहे वह किसी भी पार्टी का ही रहे उम्मीदवारों की चयन की प्राथमिकता को सबसे पहले उनके आपराधिक रिकार्ड के आधार पर ही टिकट देने की मूल्य का अवलोकन किया जाना अति आवश्यक होता है।

    भारत निर्वाचन आयोग के आदेश अनुसार एवं भारत के उच्चतम न्यायालय के आदेश अनुसार दागी मंत्री को कभी टिकट नहीं देना चाहिए यह ऐलान किया गया है मगर मगर यह देखा जा रहा है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को ही टिकट देने में किसी भी पार्टी पीछे कम नहीं रख रही है बल्कि आगे रख रही है इससे साफ जाहिर होता है कि भारत की राजनीति में केवल अपराध अपराध करने वाले ही उम्मीदवारों को टिकट दे कर राजनीति करवाते हैं।
    वैसे अगर हर उम्मीदवार की रिकॉर्ड को खंगाल जाए तो अपराधिक रिकॉर्ड से संबंधित प्रत्याशियों का नाम उजागर हो सकता है यह जानकारी किसी भी थाने किसी भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय किसी भी न्यायालय से जानकारी प्राप्त हो सकती है।

    हमारे दबंग केसरी संवाददाता का कहना है कि भारत देश में किसी भी प्रकार की निर्वाचन के माध्यम से प्रक्रियाएं क्यों पूरी नहीं की जानी चाहिए संपूर्ण भारत में राष्ट्रपति शासन प्रणाली लागू किया जाए जिससे स्वतंत्र भारत के रूप में भारत देश को विकसित किया जा सकता है क्योंकि भारत देश में हर 5 साल में किसी लोकसभा निर्वाचन विधानसभा निर्वाचन राज्यसभा निर्वाचन पंचायत निर्वाचन नगरी निकाय निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण निर्वाचन संपन्न होते हैं जिसमें खर्च अधिक होती है इस खर्च की अधिकता को खत्म करते हुए केवल राष्ट्रपति शासन ही लगाना उचित माना जाए केवल राष्ट्रपति का ही शासन चलेगा लोकतंत्र के राज्य में लोकतंत्र नहीं केवल गणतंत्र शासन होना चाहिए।
    यह समाचार इसलिए प्रकाशित किया जा रहा है कि भारत देश के उच्चतम न्यायालय एवं निर्वाचन आयोग ने यह दिशा निर्देश जारी किया है कि विधानसभा निर्वाचन लोकसभा निर्वाचन में दागी मंत्रियों को टिकट नहीं दिए जाने एवं निर्वाचन अयोग्य घोषित करने के संबंध में निर्वाचन आयोग का सख्त निर्देश है उसके बावजूद भी दागी मंत्रियों को टिकट दिया जाता है।

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