
हिमांशु सिंह ठाकुर:- ब्यूरो रिपोर्ट छत्तीसगढ़।
ब्यूरो रायपुर/कवर्धा:- प्रदेश में विधानसभा चुनाव काफी नजदीक है वही 7 अक्टूबर तक छत्तीसगढ़ में आदर्श आचार संहिता लागू कर दिए जाएंगे वही आपको बता दे कि वर्ष 2023 में 5 राज्यो में विधानसभा चुनाव होने है तो विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने अपने प्रचार प्रसार काफी तेज कर दिए है वही भाजपा व कांग्रेस कुर्सी बचाने तमाम तरह के आयोजन कर रही है बता दे कि आयोजन के लिए लाखों रुपये बेफजूल खर्च किये जा रहे है वही भाजपा व कांग्रेस जनता को लुभाने का प्रयास कर रही है जिससे आने वाले समय मे पार्टी जिस प्रत्यासी को टिकट दे उसे जनता अपना मत देकर विधानसभा चुनाव जिताकर विधानसभा भेजें वही पार्टियों के द्वारा जनता को अलग-अलग तरीको से लालच देकर पार्टी अपना मत जुटाने की कोशिश में लगी हुई है पूर्व की भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष राज करने के बाद वर्ष 2018 में हुए चुनाव को लेकर जनता के समक्ष विकास यात्रा लेकर पहुँची थी जनता ने भाजपा सरकार को छत्तीसगढ़ में 15 सीटों पर ही सिमटा कर रख दी वही 15 वर्षो से सत्ता से दूर कांग्रेस की सरकार ने वर्ष 2018 चुनाव में लगभग 68 सीटे जीतकर सरकार बनाने में कामयाब हो गई जहां कांग्रेस की सरकार सत्ता पाने जनता को लुभाने का प्रयास करने कसमें खाई जहां कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए नेताओ द्वारा गंगा जल की कसम ख़ाकर शराब बंदी किये जाने का वायदा किया था परंतु वायदा अब तक पूरा नही किया जा सका संविदा कर्मियों के नियमित करने वायदा किया गया था परंतु अब वह भी पूरा न हो सका ऐसे में कांग्रेस की पुनः सत्ता वापसी काफी मुश्किल दिखाई दे रही है वही वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव में विस्वस्त सूत्रों के मुताबिक सर्वे के अनुसार भाजपा 50 सीटे जितने की संभावना जताई गई है तो वही कांग्रेस के खाते में 30 सीटे जाने की संभावना जताई गई है तो वही जनता जोगी कांग्रेस के खाते में 3 सीटे जा सकती है तो वही संभावित 3 सीटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा हो सकता है 4 सीटे अन्य के खाते में जाने की संभावना जताई गई है अगर हम बात करें कवर्धा विधानसभा 72 कवर्धा की तो कांग्रेस के कद्दावर मंत्री मोहम्मद अकबर ने वर्ष 2018 में हुए चुनाव में भाजपा के प्रत्यासी अशोक साहू को 60 हजार वोटो से शिकस्त दी थी कवर्धा अति संवेदनशील स्थान माना जाता है जहां लगभग 5 वर्षो से कांग्रेस के कद्दावर मंत्री मोहम्मद अकबर अपनी पैठ जमाने लगे हुए है आम लोग जब भी मंत्री से अपनी समस्या लेकर पहुँचते है जहां मोहम्मद अकबर केबिनेट मंत्री द्वारा लोगों को पार्टी का गमछा पहनाकर कांग्रेस में प्रवेश दिला दिया जाता है जिससे पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहे सूत्रों की माने तो भाजपा व कांग्रेस पार्टी किस उम्मीदवार पर अपना दांव खेलेगी यह कहना लाज़मी होगा आपको बता दे कि कवर्धा में भाजपा इन चेहरों पर अपना दांव खेल सकती है जहां सांसद संतोष पांडे,विजय शर्मा,कैलाश चंद्रवंशी,सियाराम साहू व पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी पर अपना दांव लगा सकती है तो वही कांग्रेस से क़द्दावर मंत्री मोहम्मद अकबर का नाम तय माना जा रहा है फिलहाल देखना अब यह होगा कि भाजपा कवर्धा से मंत्री मोहम्मद अकबर के खिलाफ किसे अपना उम्मीदवार बनाती है कहा जा रहा है कि भाजपा अगर विजय शर्मा को टिकट देती है तो कवर्धा विधानसभा से भाजपा की जीत तय सुनिश्चित है आम आदमी पार्टी से राजा खड़गराज सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है वही सुनील केसरवानी को भी जनता जोगी कांग्रेस पार्टी से टिकट दे सकती है विधानसभा 71 पंडरिया से लगभग 55 लोगो ने अपनी दावेदारी पेश की है ऐसे में कांग्रेस में काफी लंबी लाइन देखने को मिल रही है पंडरिया विधायक ममता चन्द्राकर के 5 वर्षो के कार्यकाल को देखते हुए पंडरिया विधानसभा सीट कांग्रेस के हाथो से खिसकती हुई नजर आ रही है जिसे बचाने कांग्रेस पार्टी उम्मीदवारों के नाम सहित सर्वे करा रही है अगर हम बात करे वर्ष 2018 चुनाव की तो भाजपा के प्रत्यासी मोतीराम चन्द्रवँशी को कांग्रेस की प्रत्यासी ममता चन्द्राकर ने लगभग 35 हजार वोटों से शिकस्त दी थी अगर कांग्रेस पार्टी विधायक के कार्यो की समीक्षा करती है तो विकास बिल्कुल दिखाई नही देगी जहां लगभग 5 वर्षो में विधायक ममता चन्द्राकर पर सोसायटी दिलाने व कार्यकर्ता को पद दिलाये जाने को लेकर रिश्वत लिए जाने का आरोप लग चुका है वही कांग्रेस पार्टी अगर दोबारा पंडरिया विधानसभा सीट से ममता चन्द्राकर को टिकट देती है तो उन्हें हार का सामना करना पड़ सकता है ऐसे में कांग्रेस को प्रत्यासी का चयन काफी सोच समझ कर करना पड़ सकता है जनता विधायक ममता चन्द्राकर के कार्यो से नाखुश है पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर के कार्यो को लेकर आम लोगो में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है महिला विधायक होने के कारण पार्टी सत्ता और संगठन में तालमेल बैठाने में सफल साबित होती नही दिखाई दे रही है विधायक द्वारा 5 वर्षो में स्थानीय नेताओं को महत्व नही दीया गया जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह देखने को भी मिल सकता है पंडरिया विधानसभा संकल्प शिविर के आयोजन पर 11 सितंबर को एक दिवसीय प्रवास के दौरान पहुँचे छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव व पीसीसी चीफ दीपक बैज से मीडिया ने पूछा था कि क्या इस बार भी पार्टी द्वारा लैंडिंग प्रत्यासी उतारा जाएगा तो मीडिया का जवाब देते हुए कहा था कि पार्टी किसी भी तरह की लैंडिंग प्रत्यासी नही उतारेगी इस बार स्थानीय प्रत्यासियो को महत्व दिया जाएगा कबीरधाम जिले में 2 विधानसभा सीट आती है वर्तमान में दोनो सीट कांग्रेस के खाते में है वही कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर विधायक है मोहम्मद अकबर का टिकट कटने की कोई संभावना दिखाई नही दे रही है जहां कांग्रेस कार्यकर्ता पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हुए है पंडरिया विधानसभा से भाजपा के संभावित उम्मीदवार भावना बोहरा का नाम सबसे ऊपर लिस्ट में है तो वही भाजपा से दिनेश चंद्रवंशी,भुवनेश्वर चन्द्राकर,प्रदीप कैवर्त व पटेल समाज से विसेसर पटेल साहू समाज से गोपाल साहू को उम्मीदवार बनाया जा सकता है अगर कांग्रेस की बात की जाए तो सामान्य वर्ग से काशीनाथ सिंह का नाम प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा है वही सामान्य वर्ग से अर्जुन तिवारी व आंनद सिंह का नाम भी प्रबल दावेदारों की सूची में शामिल है वही पंडरिया विधानसभा से जाती समीकरण को लेकर बात की जाए खास तौर पर महेश चंद्रवंशी ,जिला पंचायत सदस्य मीना नीलू चंद्रवंशी, घनस्याम साहू के नाम सूची में शामिल है वही जनता जोगी कांग्रेस से रवि चंद्रवंशी को टिकट मिलने की संभावना जताई जा रही है बहरहाल अब देखना यह होगा कि भाजपा व कांग्रेस व जनता जोगी कांग्रेस से पंडरिया विधानसभा सीट से किन नामो पर मुहर लगाती है यह कहना दिलचस्प होगा कि इस वर्ष विधानसभा चुनाव में पार्टी किसी ऐसे व्यक्ति पर ही अपना दाव लगाएगी जहां चुनाव जीता जा सके।
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