
तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली — जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज जनदर्शन सभा कक्ष, मुंगेली में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री कुंदन कुमार के निर्देशानुसार एवं श्रीमती संजूला शर्मा जिला कार्यक्रम अधिकारी मुंगेली के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न विभागों के महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग, चाईल्ड हेल्प लाइन, ग्राम पंचायत सचिव, पर्यवेक्षक, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों ने सहभागिता निभाई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करना तथा समाज में जागरूकता का व्यापक प्रसार करना रहा। इस अवसर पर श्री गोपाल लांझी (जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी), श्री राजेन्द्र गेंदले (परियोजना अधिकारी), श्री कार्तिकश्वर जागड़े (थाना प्रभारी), डी.सी. डाहिरे (बीआरसी), प्राचार्यगण, श्री शुशांक शर्मा (मास्टर ट्रेनर, यूनिसेफ) एवं श्री उमाशंकर कश्यप (परियोजना समन्वयक) सहित अनेक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों, बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं रोकथाम के उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है, जिससे समाज का समग्र विकास प्रभावित होता है।
अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह उन्मूलन के लिए प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित विभागों या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा त्वरित हस्तक्षेप कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं यूनिसेफ के मास्टर ट्रेनर ने इसके सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए जनजागरूकता को सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
कार्यशाला में यह निर्णय लिया गया कि ग्राम स्तर पर सतत निगरानी, जागरूकता अभियान एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से बाल विवाह की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जाएगा। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने “बाल विवाह मुक्त मुंगेली” बनाने का सामूहिक संकल्प / शपथ लिया। यह कार्यशाला जिले में सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
