डीईओ कार्यालय की शिकायत शाखा पर सवाल, वर्षों से लंबित प्रकरणों से कर्मचारी-शिक्षक परेशान

मनोज साहू ब्यूरो जांजगीर-चांपा। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय की शिकायत शाखा की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिकायत शाखा में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ श्रवण वैष्णव के लंबे समय से एक ही शाखा में पदस्थ रहने और प्रकरणों के निराकरण में कथित देरी को लेकर कर्मचारी एवं शिक्षक अपनी नाराजगी जता रहे हैं।
10 वर्षों से एक ही शाखा में पदस्थ रहने का दावा
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सहायक ग्रेड-2 श्रवण वैष्णव लंबे समय से शिकायत शाखा में पदस्थ हैं। इसके चलते प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई मामलों में समय पर कार्रवाई नहीं होने से उन्हें कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
वर्ष 2023 के प्रकरण के निराकरण पर सवाल
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 2023 से संबंधित एक प्रकरण का उचित तरीके से अवलोकन नहीं किए जाने का आरोप है। उनका कहना है कि प्रकरणों के निराकरण में कथित लापरवाही के कारण संबंधित कर्मचारियों को न्याय पाने के लिए बार-बार न्यायालय का रुख करना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रकम मांगने के आरोप, जांच की मांग
कुछ शिकायतकर्ताओं ने प्रकरणों के निराकरण के नाम पर मोटी रकम मांगे जाने के आरोप भी लगाए हैं। इसके अलावा, जिले में कथित तौर पर मान्यता संबंधी नियमों का पालन किए बिना स्कूल संचालन तथा अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामलों में पैसों के लेन-देन के आरोप भी सामने रखे गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जिम्मेदारी तय करने की उठ रही मांग
कर्मचारी और शिक्षक यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि प्रकरणों का समय पर और निष्पक्ष निराकरण नहीं हो रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? शिकायतकर्ताओं ने संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत शाखा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि जिला शिक्षा विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और संबंधित मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए क्या कदम उठाता है।



