जिला स्तरीय यूथ पार्लियामेंट का आयोजन

मुकेश साहू ब्यूरो लोरमी,,,,,,राजीव गाँधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी मे 2 मार्च 2026 को उपनिदेशक भारत सरकार रासेयो क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल,राज्य रासेयो अधिकारी ,छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग रायपुर,कार्यक्रम समन्वयक ,रासेयो प्रकोष्ठ अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर,जिला संगठक रासेयो जिला मुंगेली के निर्देशानुसार जिला स्तरीय यूथ पार्लियामेंट का आयोजन रासेयो के तत्वावधान में कार्यक्रम अधिकारी डॉ आर एस साहू एवं प्रो निधि सिंह के मार्गदर्शन में किया गया।इस संदर्भ में डॉ नरेंद्र सलूजा ने बताया कि इस आयोजन का थीम युवा संवाद आपातकाल के 50 वर्ष:भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक था।आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास,संवैधानिक मूल्यों,नागरिक अधिकारों आदि के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में सुजीत वर्मा
(अध्यक्ष ) नगर पालिका लोरमी
अशोक जायसवाल
(उपाध्यक्ष )
नगरपालिका लोरमी ,
पार्षदगण नगरपालिका लो रमी राजेन्द्र सलूजा,सोहन डड़सेना,शिवशंकर यादव,
वरिष्ठ नेता विनय साहू, धनीराम यादव, रवि शर्मा, राजेन्द्र साहू, अशोक साहू , महेंद्र खत्री, हरि किशन खत्री, अभिषेक पाठक , सुरेन्द्र साहू , कार्यक्रम समन्वयक रासेयो डॉ मनोज सिन्हा, अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय बिलासपुर,
डॉ प्राची सिंह प्राचार्य शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय मुंगेली,
जुरी मेम्बर्स:-डॉ अर्चना शुक्ला ,डॉ चंद्रशेखर राजपूत,प्रशांत शर्मा (संवाददाता न्यूज 18 जिला मुंगेली),डॉ अशोक गुप्ता ,सुरेन्द्र तिग्गा …
कार्यक्रम अधिकारी:-कृष्ण कुमार जायसवाल, कमल राजपूत,सुरेश भारती ,गोचंद पटेल,एन एस राजपुत,बीरबल सोनकर,प्रहलाद साकत ,तथा कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ नरोत्तम पुरले आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती पूजन,राष्ट्रगान,राष्ट्रगीत, राजकीय गीत से हुआ। कार्यक्रम के आरंभ में स्वागत भाषण के दौरान प्राचार्य डॉ एन के ध्रुवे ने कहा कि विकसित भारत @2047 भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका लक्ष्य स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक भारत को एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाना है। धनीराम यादव ने कहा कि 50 वर्षों का सबक: यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र में सतर्कता आवश्यक है। यह भारतीय संविधान के लचीलेपन और नागरिकों की जीवंतता का परीक्षण था, जो अंततः तानाशाही पर भारी पड़ा। विनय साहू ,रवि शर्मा, राजेंद्र सलूजा आदि ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल ने लोकतांत्रिक संस्थानों की कमजोरियों को उजागर किया, लेकिन साथ ही स्वतंत्र न्यायपालिका, प्रेस और नागरिक समाज की महत्वपूर्ण भूमाविका को भी रेखांकित किया। 44वें संवैधानिक संशोधन ने भविष्य में आपातकाल की घोषणा को अधिक कठिन व युक्तिसांगत बना दिया, जिससे लोकतंत्र की रक्षा के लिए संवैधानिक सुरक्षा को मजबूत किया गया। यह घटना सिखाती है कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए जवाबदेही, कानून का शासन एवं सक्रिय नागरिक भागीदारी आवश्यक है। प्रतियोगिता सत्र में प्रतिभागियों को अपने विचार रखने हेतु तीन तीन मिनट का समय दिया गया था। प्रतिभागियों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभाई।उन्होंने आपातकाल की संवैधानिक पृष्ठभूमि,उसके सामाजिक ,राजनीतिक प्रभाव,लोकतंत्र के लिए मिलने वाली सीख पर तथ्यपूर्ण,एवं तार्किक प्रस्तुति दी। निर्णायक मंडल ने अभिव्यक्ति शैली,विषय की जानकारी,तथ्यात्मक सटीकता,तार्किकता आदि के आधार पर मूल्यांकन किया। इस आयोजन में प्रथम पांच स्थान प्राप्त करने वाले काजल चिंतामणि साहू,,अवधेश,नंदकुमार,पूर्णिमा को सासंद भवन नई दिल्ली में प्रतिनिधित्व का अवसर प्राप्त होगा। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एन.के.धुर्वे, डॉ.एस.के.जांगड़े, डॉ.एच.एस.राज, डॉ.नरेन्द्र सलूजा, डॉ.आर.एस.साहू, प्रो.निधि सिंह, डॉ.अर्चना भास्कर, प्रो.नितेश गढ़ेवाल, प्रो.विवेक साहू, प्रो.महेन्द्र पात्रे, प्रो.हेमा टंडन, प्रो. देवेंद्र जायसवाल, आर.के.श्रीवास्तव, एन.आर.जायसवाल, पुर्नेश जायसवाल, गंगाराम जायसवाल, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, डॉ.गंगा गुप्ता, प्रो.अमित निषाद, प्रो.मनीष कश्यप प्रो.श्रेया श्रीवास्तव, प्रो.सुषमा डहरिया, प्रो.गुरुदेव निषाद, प्रतापभानु शर्मा, भागबली जायसवाल, अविनाश साहू सोनू यादव, मुकेश यादव, उमाशंकर राजपूत, जितेन्द्र दूबे, भारत ध्रुव, सुबुद्धि यादव आदि l
