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    *जल संचय जन भागीदारी 2.0 पर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोजन*

    *जल संचय जन भागीदारी 2.0 पर जिला स्तरीय कार्यशाला का हुआ आयोज*

    *कलेक्टर ने जल संरक्षण और भू-जल प्रबंधन आगामी कार्ययोजना हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*

    मुंगेली// जिला पंचायत के सभाकक्ष में जल संचय जन भागीदारी 2.0 पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने जिले में जल संरक्षण, भू-जल प्रबंधन पर आगामी कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिले की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध जल संसाधनों तथा वर्तमान जल प्रबंधन व्यवस्था पर प्रकाश डाला गया। इसके पश्चात जल बजट एवं जल दोहन की स्थिति की समीक्षा की गई और जल संसाधनों के संतुलित उपयोग पर जोर दिया गया। साथ ही भू-जल स्तर के प्रभाव और मूल्यांकन पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण और भू-जल प्रबंधन के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में भू-जल स्तर की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। इस दौरान जिले में अब तक किए गए प्रयासों के तहत “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की गई। अभियान के माध्यम से गांवों में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। बैठक में कुछ केस स्टडी भी प्रस्तुत की गईं, जिनमें जल संरक्षण के सफल प्रयासों और उनके सकारात्मक परिणामों को साझा किया गया। इसके अलावा जल संचय जन भागीदारी समिति 2.0 के क्रियान्वयन हेतु कार्य योजना और पोर्टल के संचालन की भी जानकारी दी गई। कलेक्टर ने वीबीजीरामजी योजना के अंतर्गत वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
    कार्यशाला के दौरान वॉटर कंजर्वेशन का डेमो प्रस्तुत किया गया। इस डेमो में दो प्रकार की परिस्थितियां दिखाई गई, एक बंजर जमीन और दूसरा हरा-भरा इलाका, जिसमें पेड़-पौधे और खेत शामिल थे। कलेक्टर और एसएसपी श्री भोजराम पटेल ने पानी डालकर दोनों का प्रदर्शन देखा। नतीजे में, यह स्पष्ट हुआ कि बंजर जमीन की पानी रोकने की क्षमता, हरे-भरे इलाके की तुलना में काफी कम है, जिससे जल संरक्षण के महत्व को और भी स्पष्ट किया जा सका। कार्यशाला में बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व के उप संचालक श्री यू.आर.गणेश, जिला वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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