खबर का नहीं हुआ असर! बैसाझार रेंज के सेकर जंगल में रेत माफियाओं का कथित कब्जा, वन विभाग की कार्रवाई पर उठे सवाल
बिलासपुर ब्यूरो चीफ़ मोहनीश सिंह राजपूत की खास रिपोर्ट
वन विभाग की जमीन पर 20 ट्रिप से अधिक रेत डंप होने का आरोप, जानकारी के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

सेकर। बिलासपुर जिले के अंतर्गत बैसाझार रेंज के ग्राम पंचायत सेकर के जंगल क्षेत्र में कथित रूप से रेत माफियाओं की गतिविधियां लगातार बढ़ने का मामला सामने आ रहा है। आरोप है कि वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर 20 ट्रिप से भी अधिक रेत डंप करके रखी गई है। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर पहले भी खबर प्रकाशित की जा चुकी है, लेकिन खबर का असर अब तक दिखाई नहीं दे रहा है। यदि वन भूमि पर अवैध रूप से रेत का भंडारण किया जा रहा है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच क्यों नहीं की गई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या जानकारी होने के बावजूद मामले को नजरअंदाज किया जा रहा है?
खबर प्रकाशित होने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे और रेत के भंडारण का मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह वन भूमि की सुरक्षा और विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल होगा। ऐसे में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे मौके का निरीक्षण कर रेत के भंडारण की वैधता की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करें।
आखिर जिम्मेदार कौन?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामले को सार्वजनिक किया जा चुका है, तो अब तक जांच और कार्रवाई की स्थिति क्या है? क्या वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेंगे? सेकर जंगल क्षेत्र में कथित रूप से डंप की गई रेत की जांच कराकर सच्चाई सामने लाना जरूरी है।
अब देखना होगा कि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक कार्रवाई करते हैं और वन भूमि को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
मुख्य सवाल: वन विभाग की जमीन पर 20 ट्रिप से अधिक रेत डंप होने के आरोपों की जांच कब होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब की जाएगी?



