,,,,, एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

लोरमी,,,,राजीव गाँधी शासकीय कला एवं वणिज्य महाविद्यालय लोरमी में हिंदी विभाग के द्वारा विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार स्नातकोत्तर कक्षा एम ए हिन्दी के विद्यार्थियों के लिए सेमिनार एवं प्रेजेंटेशन हेतु एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस संदर्भ में डॉ नरेंद्र सलूजा ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए सेमिनार एवं प्रेजेंटेशन होना अनिवार्य हैं इसी के तहत इस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरंभ सरस्वती वंदना,राष्ट्रगान एवं राजकीय गीत के द्वारा हुआ। स्वागत भाषण में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ एच एस राज ने डॉ नरेंद्र सलूजा द्वारा लिखित महाविद्यालय के कुलगीत का गायन करने के पश्चात कहा कि अभिव्यक्ति क्षमता का विकास विचारों, भावनाओं और ज्ञान को प्रभावी ढंग से मौखिक और लिखित रूप से व्यक्त करने की कला है, जिसके लिए सुनने, पढ़ने, सोचने और अभ्यास की आवश्यकता होती है, जिसमें आत्मविश्वास, स्पष्टता, उचित भाषा, और हाव-भाव का प्रयोग शामिल है, डॉ एस के जांगड़े ने उद्बोधन की कड़ी में कहा कि अभिव्यक्ति की मुख्य विशेषताएँ हैं,स्पष्टता ,स्वाभाविकता , सुबोधता संक्षिप्तता ,मौलिकता और भावनात्मक जुड़ाव जो विचारों, भावनाओं और सूचनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करती हैं, डॉ आर एस साहू एवं प्रो निधि सिंह ने कहा कि यह सामाजिक बदलाव लाने और समाज में सकारात्मक सुधार के लिए आवाज उठाने का एक शक्तिशाली साधन हैं।मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य डॉ एन के ध्रुवे ने कहा कि अभिव्यक्ति कौशल एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग सीखने एवं प्रत्यक्ष जीवन अनुभव के माध्यम से अर्जित बुनियादी कौशल के एक समूह का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो व्यक्तियों और समूहों को दैनिक जीवन में आम तौर पर सामने आने वाले मुद्दों और समस्याओं को प्रभावी ढंग से संभालने में सक्षम बनाता है। उद्बोधन के पश्चात दीपक,प्रशांत खुसरो,कविता साहू,राधिका,ओंकार राजपूत,दशरथ,रीमा,पूर्णिमा जायसवाल,अदिति माथुर,आशा राम,शारदा,दीपिका आदि विद्यार्थियों ने वीरगाथा काल,सिद्ध साहित्य, आधुनिक गद्य में जयशंकर प्रसाद का योगदान,अनुवाद के उपकरण,हिंदी भाषा के विविध रूप,राम की शक्ति पूजा का भाव सौंदर्य,भक्तिकालीन विभिन्न धाराएं,व्यंग्य लेखन और परसाई जैसे विभिन्न विषयों पर अपने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन प्रो अमित निषाद एवं पूर्णिमा जायसवाल ने किया तथा आभार प्रदर्शन विभागाध्यक्ष डॉ एच एस राज ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के पी.पी.लाठिया,, डॉ.अर्चना भास्कर, प्रो.नितेश गढ़ेवाल, प्रो.विवेक साहू, प्रो.महेन्द्र पात्रे, प्रो.हेमा टंडन, प्रो. देवेंद्र जायसवाल, आर.के.श्रीवास्तव, एन.आर.जायसवाल, पूर्णेश जायसवाल, गंगाराम जायसवाल, श्रीमती सुषमा उपाध्याय, डॉ.गंगा गुप्ता, प्रो.मनीष कश्यप प्रो.श्रेया श्रीवास्तव, प्रो.सुषमा डहरिया, प्रो.गुरुदेव निषाद, प्रतापभानु शर्मा, भागबली जायसवाल, अविनाश साहू,सोनू यादव, मुकेश यादव, उमाशंकर राजपूत, जितेन्द्र दूबे, भारत ध्रुव, सुबुद्धि यादव आदि उपस्थित थे।
