आंनद राठौर ब्यूरो सक्ति:-डभरा-खरसिया मुख्य मार्ग में फंसा कैप्सूल वाहन , आवागमन 24 घंटे बाधित , जिले के चंद्रपुर विधान सभा क्षेत्र के डभरा से खरसिया जाने वाली सड़क काफी जर्जर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। अब बरसात का सीजन समाप्त होने के कारण इन गड्ढों में दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। सड़क की इस स्थिति से नागरिक खासे नाराज हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद भी सड़क नहीं सुधर पाई है।

ठीक इसी प्रकार 26 अक्टूबर को शाम 4 बजे से नगर पंचायत डभरा क्षेत्र की मुख्य सड़क वार्ड क्रमांक 7 पेट्रोल पंप के आगे में 24 घंटे से अधिक कैप्सूल वाहन सड़क पर फंसा हुआ है। परंतु कैप्सूल वाहन को ठेकेदार एवं लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासन द्वारा हटाने का प्रयास नही किया गया है। जबकि एक तरफ सड़क बनाने वाली मशीन लगी हुई है। तो दूसरी तरफ कैप्सूल वाहन एवं ट्रक सड़क पर फंस गए हैं। जिसके कारण आम लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । 3 साल में भी ठेकेदार द्वारा सड़क का निर्माण पूरा नहीं किया गया है। जिसकी सजा क्षेत्रवासी भुगत रहे हैं। जबकि इस सड़क निर्माण को लेकर नगर वासियों व क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा कई बार जिला प्रशासन , मुख्यमंत्री एवंविधायक को अवगत कराया जा चुका है।

साथ ही ग्रामिनो द्वारा लिखित में एप्लिकेशन दिया गया है कि रोड को 1 महीने के अंदर बनाया जाए अन्यथा सड़क नहीं बनने पर चुनाव में मतदान नहीं करने की बात भी उन्होंने कही है।
*कविता के माध्यम से तंज :-*
*सड़क की राजनीति*
कहीं टूटी, कहीं फूटी, कहीं गड्ढे हैं दिखते
नागिन सी रोडो पर हैं हिचके बड़े मिलते।
कौन कहता है हमसे,रहा भारत है पीछे
सड़के ऐसी बनाई हैं समुंद्र ऊपर सड़क नीचे।
होंगी सड़कें तुम्हारी उड़न छू मतवाली
मगर यहां दौड़ती हैं दरियाओं में गाड़ी।
उतारी झील तालाब सड़क जलमग्न बनाई है
है जल स्तर कहां नीचे सड़कों पर की नपाई है।
बीएमडब्ल्यू मर्सिडीज रेंज रोवर चलती वहां
सिंगल रोड पर भी भारी वाहन चलते यहां।
कई वर्षों से तुमने रोडों के कपड़े नहीं बदले
बाद हर चुनाव के,लगते हैं रोडों पर चिथड़े।
कहीं पेंदा कहीं गिट्टी कहीं डामर को हैं भरते
भारी कर जेब अपनी,वादा चुनावी हैं करते।
मुसीबत उनको कहां होगी वह तो लाट साहब हैं
बने मंत्री है हवाई जहाज, अब तो माल साहब हैं।
किया वादा जो पूरा मुद्दे कहां मिलेंगे
बेवकूफ ही तो कान फिर से भर देंगे।
पलट पासा कूद के पार्टी ही बदलेंगे
आवंटन ही हुआ नहीं, विधायक फिर से बनेंगे।

