सहकारिता के माध्यम से किसानों की भलाई के सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन इन समितियों के ही कई कारिंदे लोग लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी चट कर रहे हैं। इनको न कानून का भय है और न ही लोगों की जमा पूंजी हड़पने का गम।

आंनद राठौर ब्यूरो सक्ति:-ठीक उसी प्रकार सक्ती जिले में किसानों के नाम पर 5-10 लाख के फर्जी लोन एवं फर्जी खाद वितरण करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस बड़े घोटाल के के पीछे और कोई नहीं बल्कि खुद छोटे कटेकोनी सहकारी समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर नंदराम बरेठ हैं जिन्होंने गरीब किसानों के नाम पर यह घोटाला किया.
जानकारी के अनुसार डभरा क्रेंदीय सहकारी बैंक के अधीन सहकारी समिति छोटे कटेकोनी में कुछ वर्ष पूर्व भी इस प्रकार के घोटाले का शक पैदा हुआ था ठीक उसी प्रकार ही फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है,
जिसमें 5-10 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है ,
फर्जीवाड़े में अभी केवल सहकारी समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम सामने आया है अब आगे इसकी जांच से ही यह पता चल पाएगा कि इसमें कौन -कौन शामिल है,
एक ग्रामीण द्वार बताया गया कि अभी इस सहकारी समिति के पास खाध नहीं आया था इन्हे ऊपर से आदेश आया था कि जब तक ये फ़र्ज़ीवादे की भरपाई नहीं कर पाएंगे तब तक उन्हें खाद वितरण करने के लिए नहीं मिलेगा लेकिन भरपाई में कितना समय लगेगा इसको लेकर कोई समय सीमा तय नहीं है। इससे किसान बेहद ख़फ़ा और परेशान हो रहे हैं
गांव के किसान एक झटके में कर्जदार हो गए एवं उन्हें खेत चिड़कने हेतु यूरिया डैप नहीं मिल पा रही है, किसानों ने इसकी शिकायत उच्छ अधिकारियो से की मगर अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है.
