*महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सहमति बनाने की दिशा में ठोस पहल*

*केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने केंद्रीय जल आयोग की संयुक्त तकनीकी समिति के गठन के संबंध में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू को दी जानकारी*
नई दिल्ली,केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सहमति बनाने के उद्देश्य से की जा रही पहल के संबंध में जानकारी दी है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने अपने पत्र में बताया कि केंद्रीय जल आयोग (CWC) और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए एक संयुक्त तकनीकी समिति के गठन का अनुरोध किया गया था, ताकि जल बंटवारे के मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाने तथा विवाद के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
पत्र के अनुसार, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग ने 27 जुलाई 2026 के कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से संयुक्त तकनीकी समिति का पुनर्गठन एवं विस्तार किया है। समिति की अध्यक्षता केंद्रीय जल आयोग के अध्यक्ष कर रहे हैं। समिति को अपनी रिपोर्ट एवं सिफारिशें तीन माह के भीतर प्रस्तुत करनी हैं। इसकी पहली और दूसरी बैठक क्रमशः 29 जुलाई 2026 तथा 7 सितंबर 2026 को आयोजित की जा चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों राज्यों के बीच महानदी जल विवाद के समाधान के लिए बातचीत एवं तकनीकी विचार-विमर्श जारी रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
श्री साहू ने महानदी जल विवाद के समाधान के लिए केंद्र सरकार एवं संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच संवाद, तकनीकी अध्ययन और आपसी सहमति के आधार पर समाधान की दिशा में आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। महानदी जल विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा, दोनों राज्यों के किसानों, नागरिकों तथा जल संसाधन प्रबंधन के व्यापक हित में है।
केंद्र सरकार की पहल से दोनों राज्यों के बीच समन्वय को बढ़ावा मिलने और महानदी जल बंटवारे के मुद्दे पर व्यावहारिक समाधान की दिशा में प्रगति की उम्मीद है।

