
लोरमी,,,,,
राणीव गाँधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी मे उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन रायपुर एवं अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के आदेशानुसार 05 अगस्त को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत, नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की जानकारी हेतु मुख्य अतिथि श्री राजेंद्र सलूजा पार्षद वार्ड क्रमांक 06,, विशिष्ट अतिथि श्री सुरेश श्रीवास पार्षद वार्ड क्रमांक 02 तथा पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्री महेंद्र खत्री तथा अध्यक्ष प्राचार्य डॉ एन के ध्रुवे की गरिमामयी उपस्थिति मे दीक्षारम्भ समारोह मनाया गया. इस सम्बन्ध मे प्रो नरेंद्र सलूजा ने बताया कि वर्तमान शिक्षा सत्र 2024/25 मे महाविद्यालयों मे स्नातक प्रथम वर्ष मे नविन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागु की गई हैँ,इसी क़ी जानकारी ,उपयोगिता आदि को विद्यार्थियों को बताने दीक्षारम्भ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरम्भ मे मुख्य अतिथि ,विशिष्ट अतिथि के द्वारा दीप प्रज्जवलित किया गया तादुपरांत छात्रा कुमारी तुलसी एवं भानुप्रिया की अगुवाई मे राष्ट्रगान,राजकीय गीत् का गायन सामूहिक रूप से किया गया तथा नवीन विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वगत् किय गया । इसके बाद उदबोधन की कड़ी मे प्राचार्य डॉ ध्रुवे ने अपने स्वागत भाषण मे महाविद्यालय की अधौसरचना,महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई।विशिष्ट अतिथि श्री महेन्द्र खत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शैक्षिक सुधारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है क्योंकि यह मौजूदा शिक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करती है। छात्र भारतीय विरासत और मूल्यों की गहरी समझ के साथ-साथ आवश्यक कौशल हासिल करेंगे। श्री सुरेश श्रीवास ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शैक्षिक सुधारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है क्योंकि यह मौजूदा शिक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करती है। छात्र भारतीय विरासत और मूल्यों की गहरी समझ के साथ-साथ आवश्यक कौशल हासिल करेंगे। इससे वे आधुनिक दुनिया की जटिलताओं के लिए खुद को तैयार कर सकेंगे. मुख्य अतिथि श्री राजेंद्र सलूजा ने कहा कि यह नीति शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के साथ जोड़ती है, जिससे छात्रों को तेजी से बदलती दुनिया में कामयाब होने के लिए तैयार किया जा सके। यह अनुकूलनीय कौशल के विकास और अवधारणाओं की गहरी समझ पर जोर देती है, जिससे छात्र भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो सकें। यह शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने सक्षम हैँ। इनके अलावा प्रो एच एस राज एवं डॉ आर एस साहू ने नवीन शिक्षा नीति,. महाविद्यालय की उपल्बधियों,, संसाधनों, रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी दीं. इसके अलावा प्रो एन एस परसते,निधि सिंह अर्चना भास्कर, नितेश गढेवाल, हेमा टंडन, महेन्द्र पात्रे विवेक साहू, श्रीमती गंगा गुप्ता ने भी अपने विचार प्रद्तुत किए. मंच का संचालन प्रो अमित निषाद ने किया. इस कार्क्रक्रम के दौरान श्री पी पी लाठिया, श्री देवेंद्र जायसवाल, श्री आर के श्रीवास्तव, पुणेश जायसवाल, गंगा राम जायसवाल, एन आर जायसवाल,, श्री मनीष कश्यप डॉ पल्ल्वी नंदी, गुरुदेव निषाद, श्रीमती सुषमा उपफह्या, श्री पी बी शर्मा, भागबली जायसवाल, शिव यादव, अनुराग श्रीवास, जितेंद्र दूबे, सुबूढ़ी यादव, नरेंद्र ध्रुवे, सहित अंर्क विद्यार्थी उपस्थित थे.
