
तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली—- नगर पालिका क्षेत्र के काली माई वार्ड, बशीर खान वार्ड और जवाहर वार्ड को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की स्थिति इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है। बी आर साव स्कूल के सामने काली माई गेट से लेकर कोशल डॉक्टर के घर के आसपास तक सड़क किनारे फैले कचरे के ढेर ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से यहां खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार आसपास के लोग घरेलू कचरा सड़क किनारे डाल रहे हैं, वहीं आम बेचने वाले व्यापारी सड़े-गले और खराब आमों को भी यहीं फेंक देते हैं। इतना ही नहीं, नगर क्षेत्र की नालियों से निकाली जाने वाली गंदगी भी इसी मार्ग पर डाल दी जाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल रही है। हालात ऐसे हैं कि सड़क से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार मृत पशुओं के अवशेष और अन्य सड़नयुक्त सामग्री भी यहां फेंक दी जाती है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्कूल के समीप होने के कारण बच्चों, शिक्षकों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बदबू के कारण लोगों को नाक पर कपड़ा रखकर गुजरना पड़ता है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि संबंधित वार्ड के पार्षद प्रतिदिन इसी सड़क से आवागमन करते हैं और उनका निवास भी इसी इलाके में है। इसके बावजूद उन्होंने आज तक इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की है। जनता का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि स्वयं इस मार्ग का उपयोग करते हैं, तो उन्हें लोगों की परेशानी का अंदाजा होना चाहिए, लेकिन उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
नागरिकों का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। यदि समय रहते कचरे का निस्तारण नहीं किया गया तो मच्छरों, मक्खियों और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका कई गुना बढ़ जाएगी। डेंगू, मलेरिया, टायफाइड और अन्य बीमारियां क्षेत्र में पैर पसार सकती हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाकर कचरे के ढेर हटाने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा स्थल पर कचरा बास्केट या डस्टबिन रखने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधि जनता की इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं या फिर तीन वार्डों की जनता बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर होती रहेगी।
