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    *डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की शैक्षणिक यात्रा बहुत अनुकरणीय है-प्राचार्य आशा दिवाकर*


    तीजराम साहू ब्यूरो मुंगेली– डाॅ. भीमराव अम्बेडकर शिक्षण संस्थान छत्तीसगढ़ द्वारा बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर आवासीय विद्यालय में दो सत्रों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में स्थानीय वार्षिक परीक्षा परिणाम की घोषणा की गई एवं विभिन्न प्रकार की आयोजित प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण किया गया। संस्थाध्यक्ष राजेन्द्र दिवाकर, व्यवस्थापक एच.आर.भास्कर एवं प्राचार्य श्रीमती आशा दिवाकर, अभिभावक संजय चंदेल, ललिता प्रसाद पाटले ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। तत्पश्चात दैनिक प्रार्थना एवं संविधान के प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कराया गया। वार्षिक प्रतिवेदन का पठन एवं परीक्षा परिणाम की घोषणा व्यवस्थापक एच.आर.भास्कर ने की। अंग्रेजी माध्यम शिशु विभाग नर्सरी कु.तोषी साहू, केजीवन जय सप्रे, केजीटू कु. भावना जांगड़े, प्राथमिक विभाग पहली कु. सनाया घृतलहरे, दूसरी कु. आराध्या दिवाकर, तीसरी कु. लता साहू, चैंथी कु. लबली साहू एवं हिन्दी माध्यम शिशु विभाग के.जी.वन कु. विराधना मोहले, के.जी.टू कु. दामिनी मोहले, प्राथमिक विभाग पहली अभय आहिरे, दूसरी नमीत साहू, तीसरी कु.रितु साहू, चैंथी कु.अदिति कुर्रे, पूर्व माध्य.विभाग छठवीं कु.भूमिका सोनकर, सातवीं कु. दीपांजली भास्कर, माध्यमिक एवं उच्च. माध्य. विभाग नवमीं कु. मानवी टोण्टे 97, ग्यारहवीं में कु. सुनिता सोनकर ने 87.8 प्रतिशत अंक अर्जित कर अपने-अपने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उपरोक्त छात्रों को अतिथियों द्वारा मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। श्रीमती आशा दिवाकर ने कहा कि बाबा साहब की शैक्षणिक यात्रा बहुत ही अनुकरणीय है वे नौ भाषाओं के ज्ञाता थे, उन्होंने 64 भाषाओं में महारत हासिल की थी उनके पास कुल 32 डिग्रियां थे। उनके राजनैतिक एवं प्रशासनिक पद, लिखित पुस्तकें, पत्राकारिता एवं पत्राकारिता की खास बातें, उनके योगदान एवं कृतित्व के संबंध में बताया। एच.आर.भास्कर ने कहा कि हमारे पदाधिकारियों के सोंच, त्याग एवं समर्पण तथा सहयोग से ही जेईई, नीट जैसे विषय की निःशुल्क कोचिंग दे पा रहे हैं। जिससे छात्रों को एक दिशा मिल रही है। अभिभावकों से आग्रह करते हुए कहा कि स्कूल फीस में ही बच्चों को इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराना हमारे संस्थान का कर्तव्य है। बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रेरित करें। वरिष्ठ अभिभावक संजय चंदेल एवं ललिता प्रसाद पाटले ने अंबेडकर जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। संस्थाध्यक्ष राजेन्द्र दिवाकर ने बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विषम परिस्थिति में भी पढ़-लिखकर उन्होंने उच्च शिक्षा अर्जित की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के कारण ही उन्हें स्वतंत्र भारत का संविधान बनाने का अवसर मिला। हमें उनसे प्रेरणा लेकर कठिन परिश्रम करते हुए अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए जुट जाना चाहिए। अब समय सोने का नहीं जगने का है। सफलता अमीरी-गरीबी से नहीं मिलती कठिन परिश्रम कर सफलता अर्जित की जा सकती है। उनकी जीवनी का अध्ययन अवश्य करें। ऐसे महामानव एवं उनके कृतत्व को नमन करते हैं और उनको पाकर हम और हमारा देश आज गौरवान्वित महसूस कर रहा है। द्वितीय सत्र में संस्थान के वार्षिक साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। जिसमें गतवर्ष में किये गये वास्तविक आय-व्यय को पारित कर आगामी वर्ष के लिये अनुमानित बजट एवं वार्षिक कलेण्डर का अनुमोदन किया गया। अंत में संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने जनपद पंचायत स्थित डाॅ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर जेईई-नीट एवं बी.एस.सी.नर्सिंग क्रैश कोर्स कोचिंग एवं विद्यालय के छात्र-छात्रा, शिक्षक-शिक्षिका, अभिभावकगण तथा संस्थान के सदस्य एवं पदाधिकारीगण विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों, अभिभावकों के प्रति आभार प्रदर्शन विद्यालय के उपप्राचार्य छत्रपाल डाहिरे ने किया।

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