More

    *गैंग बनाकर अवैध उगाही के आरोपों से घिरे पंचायत सचिव की गुंडागर्दी, खुद को फंसता देख थाना में शिकायत के बाद फिर से ढाबा पहुंचे पंचायत सचिव, CCTV कैमरे में कैद*

    गैंग बनाकर अवैध उगाही के आरोपों से घिरे पंचायत सचिव की गुंडागर्दी, खुद को फंसता देख थाना में शिकायत के बाद फिर से ढाबा पहुंचे पंचायत सचिव, CCTV कैमरे में कैद

    आशीष कश्यप बिलासपुर-बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सनसनीखेज मामला सामने आया है। रानीगांव स्थित अभय ढाबा की संचालिका चंद्रलेखा बरगाह ने मदनपुर पंचायत सचिव संतोष तिवारी सहित साथियों पर 3 लाख रूपये अवैध उगाही का आरोप लगाया है। घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मामले को लेकर ढाबा संचालिका के द्वारा रतनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराया गया है।
    जानकारी अनुसार 28 अगस्त की रात लगभग 12 बजे 8 लोग अभय ढाबा पहुंचे। ढाबा में अवैध उगाही के मकसद से पहुंचे 8 लोग ढाबा के सीसीटीवी कैमरे में कैद है। ढाबा संचालिका चंद्रलेखा बरगाह की माने तो खुद को मदनपुर पंचायत का सचिव संतोष तिवारी बताते हुए उनसे 3 लाख रूपये की मांग की गई। रकम नही देने पर ढाबा बंद करने का धमकी भी दिया गया। धमकी सुनकर ढाबा संचालिका घबरा गई। ढाबा संचालिका ने ढाबा रानीगांव पंचायत अंतर्गत होना बताया किंतु नशे में धुत्त पंचायत सचिव ने उनकी एक नही सुनी और साथ में सीओ साहब आए है कहकर ढाबा संचालिका को कार में बैठे किसी व्यक्ति के पास लेकर गए। जहां उनसे 3 लाख रूपये की मांग की गई। जब ढाबा संचालिका ने अपने पास 1 लाख 20 हजार रुपए नगद होना बताया तो ऑनलाइन रकम देने को कहा गया। जब पंचायत सचिव संतोष तिवारी और उनके साथी अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए तो ढाबा में हाथ से लिखे नोटिस को चस्पा कर नोटिस में अनुज्ञा का हवाला देते हुए कर अदायगी की मांग की गई। यह असंवैधानिक कार्य करते हुए पंचायत सचिव ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि वे एक कागज को काउंटकर में चिपकाकर उसका फोटो खींच रहे है।
    रकम वसूली के लिए ढाबा संचालिका को पुलिस बुलाकर गिरफ्तार करवाने तक की धमकी दी गई। आखिर दीगर पंचायत के सचिव को रानीगांव पंचायत में कर वसूली का अधिकार किसने दिया? यह जांच का विषय है। लेकिन ढाबा संचालिका चंद्रलेखा बरगाह की माने तो उनकी बातों में आकर वे सचिव संतोष तिवारी को 1 लाख 20 हजार रूपये नगद दे दी। जिसके बाद ढाबा संचालिका ने जब रशीद की मांग की तो उन्हें दूसरे दिन रशीद लाकर देने की बात कहकर पंचायत सचिव अपने साथियों के साथ रफूचक्कर हो गया।

    दूसरे दिन महिला ने की फर्जीवाड़े की शिकायत

    अभय ढाबा की संचालिका चंद्रलेखा बरगाह ने खुद के साथ हुए इस अजीब कार्यवाही की मदनपुर पंचायत से जानकारी जुटाई तो उन्हें पता चला कि पंचायत को कोई रशीद देने का अधिकार नहीं है। जिसके बाद ढाबा संचालिका चंद्रलेखा ने इसकी शिकायत रतनपुर थाना में की। एफआईआर दर्ज नही होने पर तत्काल इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक और बिलासपुर रेंज आईजी से की गई। फिलहाल मामले में रतनपुर पुलिस की जांच जारी है।

    पुलिस का कहना

    रतनपुर पुलिस ने मामले को लेकर बताया कि शिकायत पर जांच जारी है। पैसा मांगने की पुष्टि हुई है। पैसा लेनदेन को लेकर जांच जारी है।

    पीड़िता पर राजीनामा को लेकर दबाव

    पीड़िता ने मीडिया को बताया कि समझौता को लेकर उन पर पंचायत सचिव संतोष तिवारी के द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। संतोष तिवारी आज फिर से उनके ढाबा पहुंचे थे। जहां राजीनामा को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। ढाबा में लगे सीसीटीवी कैमरे में आज का पूरा मांजरा भी कैमरे में कैद है।

    अन्य ढाबा संचालकों के सूत्र की माने तो; पंचायत सचिव संतोष तिवारी अपने साथियों के साथ उस दिन अन्य ढाबा भी गया था जहां ढाबा संचालकों से उगाही की कोशिश की गई, लेकिन जब ढाबा संचालकों के समाने उनकी दाल नही गली तो वे खाली हाथ लौट गए।

    रोजगार सहायक और सीओ के ड्राइवर शामिल

    घटना में एक रोजगार सहायक बजरंग सिंह ठाकुर और सीओ के ड्राइवर के शामिल होने की जानकारी भी पीड़िता के द्वारा दी गई है। हालांकि मामले में पुलिस की विवेचना जारी है और घटना के समय मौजूद सभी लोग सीसीटीवी कैमरे में कैद है। इससे पीड़ित महिला को सभी आरोपियों पर निष्पक्ष कार्यवाही की आशा है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध जल्द कार्यवाही और सभी लोगों के गिरफ़्तारी की मांग की है।

    Trending News

    Technology