*कोकराझार में कमाल: तोखन साहू के नेतृत्व में 9 में 8 सीटों पर ऐतिहासिक जीत*
नई दिल्ली/कोकराझार/बिलासपुर।

असम विधानसभा चुनाव में कोकराझार लोकसभा क्षेत्र ने अभूतपूर्व परिणाम देते हुए 9 में से 8 सीटों पर भाजपा एवं उसके सहयोगी दलों को विजय दिलाई है। इस बड़ी सफलता के केंद्र में रहे केन्द्रीय राज्यमंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू, जिनकी रणनीतिक सोच, संगठनात्मक कौशल और निरंतर जमीनी सक्रियता ने चुनावी परिदृश्य को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।
प्रवासी प्रभारी के रूप में श्री साहू ने लगभग दो माह तक क्षेत्र में सघन प्रवास किया। 42 दिनों तक लगातार जमीनी स्तर पर डटे रहकर उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त किया। कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, उन्हें जिम्मेदारियों के साथ जोड़ना और एक मजबूत टीम का निर्माण करना—यही इस जीत की सबसे बड़ी ताकत बनी।
प्रत्याशी चयन, बूथ मैनेजमेंट, जनसंपर्क अभियान और प्रचार-प्रसार जैसे सभी महत्वपूर्ण आयामों में उनकी सीधी भागीदारी रही। क्राइसिस मैनेजमेंट में उनकी त्वरित निर्णय क्षमता ने चुनावी चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया और विपक्ष की रणनीतियों को निष्प्रभावी बनाया। स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए जनता से सीधा संवाद स्थापित करना भी इस सफलता का प्रमुख कारण रहा।
इनके प्रवास क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित कई वरिष्ठ नेताओं की जनसभाओं ने चुनावी माहौल को और सशक्त किया, जिनमें व्यापक जनसहभागिता देखने को मिली।
विजेता सीटों का विवरण—
1. कोकराझार – सेवली मोहिलारी (BPF)
2. गोसाई गाँव – सभाराम बसुमतारी (BPF)
3. बाउकुंगरी – रुपम चंद्र राय (BPF)
4. दोतमा – रवि राम नारजारी (BPF)
5. बिजनी – अरुप कुमार डे (BJP)
6. सिडली (चिरांग) – पानी राम बम्ह (BPF)
7. मानस – थानेश्वर बसुमतारी (BPF)
8. बक्सा – मानेश्वर बम्ह (BPF)
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह जीत केवल सीटों की संख्या नहीं, बल्कि सशक्त संगठन, निरंतर नेतृत्व और जमीनी रणनीति का परिणाम है।
वहीं, इस सफलता के बाद वरिष्ठ नेता मनोहर लाल खट्टर और केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने साथ मिलकर जीत की खुशियां मनाईं। श्री खट्टर द्वारा साझा की गई तस्वीर में दोनों नेता उत्साहपूर्ण माहौल में जश्न मनाते नजर आए।
इस दौरान श्री खट्टर का सोशल मीडिया पर साझा किया गया तंज— “झालमुड़ी का ‘झाल’ टीएमसी को बहुत जोर से लगा है..” — भी चर्चा का विषय बना रहा और लोगों के बीच व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
अंततः, असम में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनने के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि जनता ने विकास, सुशासन और मजबूत नेतृत्व पर अपना विश्वास दोहराया है।
