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    *कविता चौराहे पर साहित्य मंच का 7 जनवरी को स्थापना वर्ष व सम्मान समारोह आयोजित*

    मुंगेली : छत्तीसगढ़ के जिला मुंगेली में नगर के मध्य सिटी कोतवाली थाना के ठीक सामने 2005 से शुरू होकर अब तक व निरंतर चलने वाला अनोखा साहित्य मंच कविता चौराहे पर, जहाँ प्रत्येक सप्ताह एक कवि की समसामयिक रचना को स्थान दिया जाता है। इसकी शुरुआत कविता चौराहे पर,के संस्थापक कवि राकेश गुप्त निर्मल ने अपनी रचनाओं को प्रकाशन करके किया जहाँ एक श्यामपट पर सेवानिवृत शिक्षक जगदीश प्रसाद देवांगन द्वारा अपने लेखन सज्जा कला से बेहद आकर्षक अक्षरों व रचना से सम्बन्धित रेखाचित्र बनाकर पटल को रोचक बना देते हैं। वर्तमान में जिले के साहित्यकार ही नहीं बल्कि प्रदेश और भारत के कोने-कोने से रचनाकारों की रचना को प्रकाशित किया जाता है।यह अपने आप में साहित्य सेवा का एक अनूठा प्रयास है। इस अनूठे कार्य को करने वाले साहित्य मंच द्वारा प्रतिवर्ष स्थापना दिवस का आयोजन किया जाता है । इसमें प्रदेश व अन्य प्रदेश से भी साहित्यकार बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
    प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी कविता चौराहे पर, साहित्य मंच का स्थापना दिवस तथा सम्मान समारोह व काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया है हर साल जिले के किसी एक स्थान पर यह आयोजन किया जाता है। इस वर्ष नगर के ही प्रतिष्ठित होटल पुनीत में रखा गया है।

    जहाँ कविता चौराहे पर, साहित्य मंच का स्थापना दिवस समारोह मनाया जाना है। संयोजक व संस्थापक राकेश गुप्त निर्मल ने चर्चा के दौरान यह जानकारी दी की इस वर्ष भी एक वरिष्ठ साहित्यकार का सम्मान किया जाना है वह कविता चौराहे पर, के पटल में अब तक जिन सहभागियों की कविता प्रकाशित की गई है उन कविताओं का प्रदर्शनी लगायी जाएगी जो की साहित्य प्रेमियों के लिए एक अलग ही लगाव का स्थान रखता है बताते चलें कि इस आयोजन में मुंगेली के वरिष्ठ साहित्यकार व सेवानिवृत शिक्षक रामशरण शर्मा जी को सम्मानित किया जाना है। यह सम्मान प्रति स्थापना वर्ष में एक साहित्यकार को प्रदान किया जाता है। इसके पश्चात कार्यक्रम में सहभागिता निभाने आए समस्त आमंत्रित कवियों के द्वारा काव्य पाठ किया जाता है। तत्पश्चात सभी सहभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।

    कार्यक्रम दो चरणों में रखा जाता है जिसमें प्रथम चरण में अतिथियों का स्वागत सम्मान कविता चौराहे पर साहित्य मंच के बारे में अतिथियों द्वारा वक्तव्य तत्पश्चात साहित्यकार सम्मान भोजन अवकाश के बाद दूसरे चरण की शुरुआत काव्य गोष्ठी से होती है। काव्य गोष्ठी के बाद सभी सहभागियों को सम्मान पत्र देकर कार्यक्रम का समापन किया जाता है। उक्त कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 10 जिलों के साहित्यकार सम्मिलित होंगे कार्यक्रम में प्रथम व द्वितीय चरण दोनों के लिए अलग-अलग मुख्य अतिथि व अध्यक्ष आमंत्रित किए जाते हैं।

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